नारी शक्ति वंदन अधिनियम : लखनऊ विश्वविद्यालय में शुरु हुआ अधिनियम के समर्थन और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जागरुकता अभियान
-अधिनियम 'सशक्त नारी, सशक्त भारत' की संकल्पना को साकार करता- डॉ. भावना मिश्रा
-अधिनियम लागू होने के बाद महिलाओं को ऐतिहासिक भागीदारी मिलेगी-डॉ. संजय शुक्ला
लखनऊ, 15 अप्रैल (हि.स.)। लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में बुधवार काे नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन और प्रभावी क्रियान्वयन के जागरुकता अभियान प्रारंभ हुआ। विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. भावना मिश्रा एवं मुख्य छात्रावास अभिरक्षक प्रो. आशीष अवस्थी द्वारा शुभारंभ किया गया। इस दौरान उ.प्र. राज्य विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष डॉ. संजय शुक्ला एवं लेखाधिकारी अंतरा बनर्जी विशेष रूप से उपस्थित थे। हस्ताक्षर अभियान के साथ ही विश्वविद्यालय में अध्ययन/अध्यापन करने वाले शिक्षकों, छात्र/छात्राओं एवं कर्मचारियों को अधिनियम के संबंध में जानकारी प्रदान की गई।
कुलसचिव डॉ. भावना मिश्रा ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 'सशक्त नारी, सशक्त भारत' की संकल्पना को साकार करता है। जब महिलाएं निर्णय लेने की प्रक्रिया (विधायिका) में होंगी, तो शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार होंगे। यह कानून देश के लोकतंत्र को अधिक समावेशी और गौरवशाली बनाने का काम करता है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम की विशेषताओं के संबंध में डॉ. संजय शुक्ला ने कहा कि अधिनियम लागू होने के बाद महिलाओं को ऐतिहासिक भागीदारी मिलेगी। लोकसभा और विधानसभाओं में एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाएगी। जिससे महिला सशक्तिकरण का सपना साकार हो जाएगा। यह अधिनियम न केवल राजनीतिक, बल्कि सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त करता है। अभियान के पहले दिन बड़ी संख्या में शिक्षक, छात्र/छात्राएं और कर्मचारी सहभागिता की।
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हिन्दुस्थान समाचार / शिव सिंह

