गंदगी में बन रहे थे मोमोज, तीन निर्माणशालाएं बंद, 115 किलो संदिग्ध चटनी नष्ट
कानपुर, 15 जुलाई (हि.स.)। रावतपुर और साकेत नगर क्षेत्र में अस्वच्छ परिस्थितियों में मोमोज तैयार किए जाने और संदिग्ध चटनी का इस्तेमाल किए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। विशेष अभियान के दौरान तीन मोमोज निर्माणशालाओं का संचालन बंद करा दिया गया, जबकि जांच के लिए खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए। टीम ने करीब 115 किलोग्राम संदिग्ध चटनी को नष्ट कराया और मसवानपुर क्षेत्र में मोमोज ठेलों पर रखे रंगीन फिंगर चिप्स व रंगीन चटनी भी नष्ट कराई।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने बुधवार को केशव नगर, रावतपुर गांव स्थित आकाश मोमोज निर्माणशाला का निरीक्षण किया। यहां परिसर में साफ-सफाई बेहद खराब मिली और मोमोज के साथ परोसी जाने वाली चटनी अस्वच्छ परिस्थितियों में रखी मिली। विभाग ने चटनी का नमूना जांच के लिए लिया और लगभग 40 किलोग्राम चटनी नष्ट करा दी। कमियां दूर होने तक प्रतिष्ठान का संचालन बंद रखने के निर्देश दिए गए।
इसके बाद टीम ने रावतपुर गांव स्थित श्री बालाजी मोमोज निर्माणशाला में जांच की। यहां खाद्य कारोबार के लिए आवश्यक पंजीकरण नहीं मिला। निरीक्षण में साफ-सफाई की स्थिति भी खराब पाई गई तथा रंगीन चटनी संदिग्ध हालात में संग्रहीत मिली। विभाग ने मोमोज और चटनी के नमूने लेकर करीब 45 किलोग्राम चटनी नष्ट कराई। खाद्य पंजीकरण प्राप्त करने और सभी कमियां दूर होने तक प्रतिष्ठान बंद रखने के निर्देश दिए गए।
साकेत नगर स्थित एक अन्य मोमोज निर्माणशाला में भी निरीक्षण के दौरान गंदगी मिली। यहां भी चटनी अस्वच्छ परिस्थितियों में रखी गई थी। टीम ने नमूना संग्रहित करने के साथ करीब 30 किलोग्राम चटनी को नगर निगम के वेस्ट डिस्पोजल यार्ड में नष्ट कराया और कमियां दूर होने तक खाद्य कारोबार बंद रखने का निर्देश दिया।
अभियान के दौरान मसवानपुर क्षेत्र में मोमोज बेचने वाले ठेलों की भी जांच की गई। यहां रंगीन फिंगर चिप्स और रंगीन चटनी स्वच्छता मानकों के अनुरूप नहीं मिली। खाद्य सुरक्षा टीम ने मौके पर ही इन खाद्य पदार्थों को नष्ट कराया और विक्रेताओं को स्वच्छता मानकों का पालन करने की चेतावनी दी।
सहायक आयुक्त (खाद्य) संजय प्रताप सिंह ने कहा कि जनस्वास्थ्य से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण और बिक्री में स्वच्छता मानकों का पालन अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है और रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

