आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं से कुक्कुट पालन को मिलेगी नई दिशा : राकेश कुमार सचान

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आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं से कुक्कुट पालन को मिलेगी नई दिशा : राकेश कुमार सचान


कानपुर, 29 जून (हि.स.)। कुक्कुट पालन को रोजगार और किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बनाने के लिए प्रदेश सरकार आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक नवाचार और विभिन्न योजनाओं के जरिए लगातार प्रयास कर रही है। किसानों और युवाओं को इन योजनाओं का लाभ उठाकर स्वरोजगार की दिशा में आगे आना चाहिए। यह बातें सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री राकेश कुमार सचान ने सोमवार को मंडल स्तरीय पोल्ट्री कॉन्क्लेव-2026 के उद्घाटन अवसर पर कही।

पशुपालन विभाग, कानपुर मंडल की ओर से अपर निदेशक ग्रेड-2 डॉ. विजयवीर चन्द्रयाल एवं मुख्य तकनीकी अधिकारी (कुक्कुट) डॉ. ऋचा राठौर के नेतृत्व में चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के लाल बहादुर शास्त्री कृषक सभागार में मंडल स्तरीय एक दिवसीय पोल्ट्री कॉन्क्लेव-2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ कैबिनेट मंत्री राकेश कुमार सचान ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति, मुख्य विकास अधिकारी कानपुर नगर, संयुक्त विकास आयुक्त कानपुर, अपर निदेशक ग्रेड-1 (पोल्ट्री) लखनऊ, मंडल के सभी जनपदों के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, पशु चिकित्सा अधिकारी, पोल्ट्री उद्यमी, प्रशिक्षु तथा बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया।

कॉन्क्लेव की विशेषता यह रही कि पहली बार पोल्ट्री उद्योग से जुड़े प्रमुख उद्यमी, विशेषज्ञ और फार्मा कंपनियों के प्रतिनिधि एक साझा मंच पर आए। इस दौरान किसानों और विभागीय अधिकारियों के साथ आधुनिक कुक्कुट पालन, उत्पादन बढ़ाने की तकनीकों और उद्योग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।

तकनीकी सत्र में विशेषज्ञों ने मुर्गियों में होने वाले प्रमुख रोगों की रोकथाम, उन्नत दवाओं और टीकों के उपयोग, गुणवत्तापूर्ण फीड सप्लीमेंट्स तथा आधुनिक प्रबंधन तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।

मुख्य विकास अधिकारी ने बैकयार्ड पोल्ट्री को ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और आजीविका का प्रभावी साधन बताते हुए बैंकिंग संस्थाओं के सहयोग से ऋण और अनुदान की प्रक्रिया को और सरल बनाने पर जोर दिया। विश्वविद्यालय के कुलपति एवं वैज्ञानिकों ने जैव-सुरक्षा उपायों, हैचरी प्रबंधन, आधुनिक पोल्ट्री तकनीकों तथा वैज्ञानिक पद्धति से कुक्कुट पालन के विभिन्न पहलुओं पर किसानों का मार्गदर्शन किया।

समापन अवसर पर अपर निदेशक ग्रेड-2 डॉ. विजयवीर चन्द्रयाल ने सभी अतिथियों, वैज्ञानिकों, अधिकारियों, पशु चिकित्सकों, फार्मा कम्पनियों के प्रतिनिधियों और किसानों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कॉन्क्लेव का उद्देश्य विभागीय विशेषज्ञता, वैज्ञानिक अनुसंधान और उद्योग जगत के सहयोग से कानपुर मंडल में कुक्कुट पालन को नई गति देना तथा किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करना है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

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