विवादित निर्माण ध्वस्त करने संबंधी न्यायालय आदेश के खिलाफ राज्यमंत्री ने दाखिल की अपील

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विवादित निर्माण ध्वस्त करने संबंधी न्यायालय आदेश के खिलाफ राज्यमंत्री ने दाखिल की अपील


देवरिया, 24 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद देवरिया शहर के देवरिया खास स्थित श्री मनोकामना पूर्ण हनुमान मंदिर की भूमि को लेकर चल रहा विवाद अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। नियत प्राधिकारी (विनियमित क्षेत्र) न्यायालय द्वारा कथित अवैध कब्जे को ध्वस्त करने के आदेश के खिलाफ राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने शुक्रवार को जिलाधिकारी न्यायालय में अपील दाखिल की है।

यह विवाद पिछले वर्ष उस समय शुरू हुआ था, जब राज्यमंत्री द्वारा मंदिर परिसर से सटी भूमि पर चाहरदीवारी का निर्माण कराते हुए मंदिर की ओर एक गेट खोलने का प्रयास किया गया। इस पर मंदिर समिति और राज्यमंत्री के बीच विवाद गहरा गया। सूचना पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक टीम ने मौके पर हस्तक्षेप करते हुए मंदिर की ओर खुलने वाले गेट को बंद करा दिया था। मंदिर की कुल भूमि लगभग 3.10 एकड़ में फैली है, जिसमें तीन गाटा शामिल हैं। मंदिर के उत्तराधिकारी महंत राजेश नारायण दास और राज्यमंत्री के बीच इसी भूमि को लेकर विवाद चल रहा है। दोनों पक्षों के बीच पहले समझौते का प्रयास भी हुआ, लेकिन चाहरदीवारी निर्माण के बाद विवाद दोबारा बढ़ गया।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। नायब तहसीलदार की देखरेख में कराई गई पैमाइश में मंदिर की कुछ भूमि दूसरे पक्ष की सीमा में पाई गई। इसके बाद मंदिर पक्ष ने नियत प्राधिकारी न्यायालय में वाद दाखिल किया। सुनवाई के बाद न्यायालय ने बिना नक्शा स्वीकृति के निर्माण को आरबीओ एक्ट की धारा 6(क) का उल्लंघन मानते हुए धारा 10 के तहत बाउंड्री ध्वस्तीकरण का आदेश दिया। इस आदेश को चुनौती देते हुए राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने जिलाधिकारी न्यायालय में अपील दाखिल की है।

हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक

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