पृथ्वी दिवस पर प्राकृतिक खेती और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

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पृथ्वी दिवस पर प्राकृतिक खेती और पर्यावरण संरक्षण का संदेश


कानपुर, 22 अप्रैल (हि.स.)। पृथ्वी को बचाने के लिए प्राकृतिक खेती अपनाना और पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाना आवश्यक है। ‘हमारी शक्ति, हमारा ग्रह’ विषय यह बताता है कि जलवायु संकट से निपटने की ताकत आम लोगों के पास है। हर नागरिक को पृथ्वी की रक्षा के लिए आगे आना होगा और टिकाऊ जीवनशैली अपनानी होगी। यह बातें बुधवार को चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के कुलपति संजीव गुप्ता ने कही।

चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. संजीव गुप्ता ने पृथ्वी दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण, सतत कृषि और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पृथ्वी दिवस 2026 का विषय “हमारी शक्ति, हमारा ग्रह” अक्षय ऊर्जा को अपनाने और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से टिकाऊ भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान करता है।

कुलपति ने अपने संदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और मिट्टी के स्वास्थ्य को मानव जीवन से जोड़ते हुए रासायनिक खेती से दूरी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ मिट्टी ही स्वस्थ समाज की नींव है, इसलिए किसानों को जैविक और प्राकृतिक तरीकों को अपनाना चाहिए। साथ ही, एकल उपयोग प्लास्टिक के प्रयोग को बंद करने की अपील की।

उन्होंने वृक्षारोपण, हरित विकास और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने के लिए जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता बताई। जल संरक्षण पर विशेष बल देते हुए उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों और विद्यार्थियों से जल संचयन, कम पानी की खपत और कार्बन उत्सर्जन घटाने वाली आधुनिक तकनीकों को अपनाने का आग्रह किया।

कुलपति ने कहा कि पृथ्वी का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने एक ही ग्रह और एक ही पृथ्वी की रक्षा के लिए सभी से जिम्मेदार व्यवहार अपनाने की अपील की।

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हिन्दुस्थान समाचार / मो0 महमूद

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