नोएडा में मानसिक तनाव ले रहा जान, तीन दिनों में छह महिलाओं समेत नौ लाेगाें ने की आत्महत्या

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नोएडा में मानसिक तनाव ले रहा जान, तीन दिनों में छह महिलाओं समेत नौ लाेगाें ने की आत्महत्या


नोएडा, 31 अगस्त (हि.स.)। औद्योगिक नगरी नोएडा में लोगों में मानसिक तनाव बढ़ता जा रहा है। यही कारण है कि बीते तीन दिनों में यहां अलग -अलग कारणाें से छह महिलाओं समेत नाै लोगों ने आत्महत्या कर ली। चिकित्सकों के अनुसार नाेएडा महानगर के लोग आधुनिक जीवन शैली की भाग दौड़, बेरोजगारी, नौकरी की तलाश, पढ़ाई का तनाव, प्रेम में विफलता और एकाकीपन के चलते अवसाद ग्रसित हो रहे हैं।

पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह के मीडिया प्रभारी उमेश नैथानी ने साेमवार काे बताया कि थाना सेक्टर 126 क्षेत्र के सेक्टर 125 स्थित एक यूनिवर्सिटी में काम करने वाले राजकुमार (46) पुत्र राममूर्ति सिंह मूल निवासी हरि नगर दिल्ली ने यूनिवर्सिटी कैंपस में बने लॉन्ड्री रूम में जाकर कुंडे फंदा लगाकर बीती रात को आत्महत्या कर लिया। उन्होंने बताया कि मौके पर पहुंची थाना सेक्टर 126 पुलिस में शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

मीडिया प्रभारी ने बताया कि थाना नॉलेज पार्क क्षेत्र में रहने वाली नर्सिंग की छात्रा निशिका (23) पुत्री हनुमान प्रसाद ने अपने हास्टल मे पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर लिया। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उन्होंने बताया कि वह शारदा यूनिवर्सिटी से नर्सिंग की पढ़ाई कर रही थी। जांच में पुलिस को पता चला है कि वह एक युवक से शादी करना चाह रही थी। उसके परिजन कह रहे थे कि पढ़ाई पूरी करने के बाद शादी करो। इसी बात से वह तनाव में थी।

मीडिया प्रभारी ने बताया कि थाना ईकोटेक- तीन क्षेत्र के कुलेसरा हिंडन बैराज से संजना (19) नामक युवती ने बीती रात को छलांग लगाकर आत्महत्या कर लिया। उनके अनुसार वह एक युवक से प्रेम करती थी। उसके घर वाले दहेज की मांग कर रहे थे। प्रेमी ने दहेज की मांग पूरी न होने पर शादी से इनकार कर दिया था। उन्होंने बताया की युवती के शव की तलाश की जा रही है। आज सुबह तक उसका शव नहीं मिला है। एनडीआरएफ और पुलिस शव की तलाश में जुटी है।

उन्होंने बताया कि थाना फेस -तीन क्षेत्र में रहने वाली ज्योति पांडा (30) पत्नी सुदेश कुमार ने रविवार की रात को अपने घर पर पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने बताया कि महिला की अभी 2 वर्ष पूर्व शादी हुई थी। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे अपर पुलिस उपायुक्त ग्रेटर नोएडा की मौजूदगी में शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। उन्होंने बताया कि थाना फेस -3 पुलिस मामले की जांच कर रही है।

उन्होंने बताया कि एक अन्य मामले में थाना फेस- तीन क्षेत्र के ग्राम गढ़ी चौखंडी में रहने वाली अंकिता (19) पुत्री तेजराम ने 29 अगस्त की रात को अपने घर पर पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर लिया। उन्होंने बताया कि मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

उन्होंने बताया कि थाना सेक्टर 63 क्षेत्र के बहलोल पुर गांव में रहने वाली तनु (19) पुत्री विजेंद्र सिंह ने 29 अगस्त की देर रात को अपने घर पर पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर लिया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

उन्होंने बताया कि थाना दादरी क्षेत्र में रहने वाले विनय (29) पुत्र नेपाल ने 29 अगस्त को अपने घर पर पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर लिया। उन्होंने बताया कि थाना दादरी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इसी प्रकार थाना सेक्टर 113 क्षेत्र में रहने वाले रोहित (31) पुत्र सुखबीर ने मानसिक तनाव के चलते अपने घर पर 28 अगस्त को पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर लिया। उन्होंने बताया कि थाना सेक्टर 113 पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

मीडिया प्रभारी ने बताया कि थाना दनकौर क्षेत्र में रहने वाली खुशबू पत्नी प्रवीण उम्र 35 वर्ष ने 28 अगस्त को मानसिक तनाव के चलते अपने घर पर जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर लिया। उन्होंने बताया कि थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

इस बाबत बात करने पर गौतम बुद्ध नगर के वरिष्ठ चिकित्सक और आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ एन के शर्मा ने बताया कि लोग आधुनिकता भरी जिंदगी में इतने व्यस्त हो गए हैं कि वे अपनी मन की बात किसी से खुलकर नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रानिक सर्विलांस और सोशल मीडिया ने अपने लोगों को एक दूसरे से काफी दूर कर दिया है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा बेरोजगारी, पढ़ाई की टेंशन, प्रेम में विफलता, जैसे कुछ ऐसे विषय हैं, जिसके चलते बच्चे आत्मघाती कदम उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी में सहनशक्ति की काफी कमी होती जा रही है। बच्चे छोटी-छोटी बातों पर उग्र और नाराज हो जा रहे हैं। यह भी आत्महत्या का एक कारण है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुरेश चौधरी

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