पूर्वोत्तर भ्रमण पर गये यूपी के पत्रकारों से बोले मेघालय के राज्यपाल- यहां बहुत समृद्ध है खेल और म्यूजिक

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पूर्वोत्तर भ्रमण पर गये यूपी के पत्रकारों से बोले मेघालय के राज्यपाल- यहां बहुत समृद्ध है खेल और म्यूजिक


-मेघालय के युवाओं में फुटबॉल और म्यूजिक के प्रति दीवानगी

-पत्रकारों के दल ने मेघालय के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से भी की भेंट

शिलांग, 17 सितंबर (हि. स.)। पूर्वोत्तर के मेघालय राज्य के युवाओं में फुटबॉल खेलने और म्यूजिक के प्रति गजब की दीवानगी है। मेघालय की राजधानी शिलांग से लेकर राज्य के अन्य क्षेत्रों में जगह-जगह फुटबाल खेलते हुए युवा दिखाई दे जाएंगे। स्थानीय स्तर पर होने वाले मैच को देखने के लिए भीड़ भी खूब जुटती है। ऐसे ही संगीत के प्रति भी लोगों में उत्साह है।

केंद्र सरकार की एक भारत श्रेष्ठ भारत योजना के अंतर्गत पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) की ओर से उत्तर प्रदेश के पत्रकारों का 14 सदस्यीय दल इस समय नॉर्थ ईस्ट के दौरे पर है। पत्रकारों के दल ने 13 सितंबर से तीन दिनों तक असम में रहकर राज्य के विकास, वहां की संस्कृति और महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों को देखा और उसके बारे में जाना। इसके बाद यह दल बुधवार की देर शाम मेघालय की राजधानी शिलांग पहुंचा। गुरुवार की सुबह शिलांग में मेघालय के राज्यपाल सी. एच. विजय शंकर से लोक भवन में मुलाकात की।

राज्यपाल ने पत्रकारों से शिष्टाचार भेंट के दौरान बताया कि मेघालय में खेल की संस्कृति बहुत समृद्ध है। यहां के युवा खेल के साथ म्यूजिक में भी अपना भविष्य तलाशते हैं और सवाँरते हैं। यहां का युवा खेल में खूब रुचि रखता है। फुटबॉल पर फोकस करता है। इसे ध्यान में रख कर यहां की सरकार उन्हें सुविधाएं मुहैया करा रही है। मेघालय में एक बड़ा स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है। यहां की सड़कें बहुत अच्छी हैं। यहां के नागरिक अपने राज्य से बहुत प्रेम करते हैं। पूरे राज्य में कोई भिखारी नहीं मिलेगा। प्रत्येक नागरिक कार्य करने पर भरोसा करता है।

बातचीत के दौरान राज्यपाल ने मेघालय के विशिष्ट सामाजिक संस्थानों का उल्लेख किया, जिनमें शासन में सामुदायिक भागीदारी की मजबूत परंपरा और राज्य की मातृसत्तात्मक सामाजिक व्यवस्था शामिल है। उन्होंने रेखांकित किया कि कैसे इन प्रथाओं ने राज्य में सामुदायिक जीवन और सामाजिक संबंधों को आकार दिया है। मेघालय में विवाह के साथ बेटी की विदाई नहीं होती। बल्कि उस परिवार का दमाद अपने माता-पिता का घर छोड़कर ससुराल आकर रहने लगता है।

राज्यपाल ने स्थानीय समुदायों की आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशील विकास को आगे बढ़ाते हुए मेघालय की अनूठी पहचान को बनाए रखने के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने देश के विभिन्न क्षेत्रों के बीच बेहतर संवाद और आपसी समझ की आवश्यकता पर बल दिया। पत्रकारों ने राज्यपाल के साथ मेघालय के इतिहास, विकास और सामाजिक व्यवस्थाओं पर चर्चा की और राज्य तथा इसकी विशिष्ट जीवनशैली के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त की।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ब्रह्मदेव राम तिवारी से हुई मुलाकात

पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने मेघालय के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ब्रह्मदेव राम तिवारी से मुलाकात की। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि लगभग 35 लाख आबादी वाले इस राज्य के नागरिक बहुत सजग हैं। यहां की विलेज काउंसिल की व्यवस्था बहुत समृद्ध है। उन्होंने बताया कि राज्य में एसआईआर की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसी का नाम कट जाता है तो पूरी प्रक्रिया में नागरिक को दो बार अपील करने की व्यवस्था प्रदान की गई है। एसआईआर की सूची सार्वजनिक होने के बाद नाम नहीं होने की स्थिति में नागरिक 30 दिन के भीतर जिलाधिकारी के यहां अपील दायर कर सकता है। वहां से भी उसे यदि राहत नहीं मिलती तो उसके 30 दिनों के भीतर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के यहां अपील दायर करने की व्यवस्था दी गई है।

हिन्दुस्थान समाचार / दिलीप शुक्ला

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