राष्ट्रीय लोक अदालत में 22,071 वादों का निस्तारण, करोड़ों रुपये की वसूली
औरैया, 09 मई (हि. स.)। उत्तर प्रदेश के औरैया में जनपद न्यायालय औरैया सहित बाह्य न्यायालय बिधूना, विभिन्न राजस्व न्यायालयों एवं विभागों में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन न्यायमूर्ति उच्च न्यायालय प्रयागराज एवं प्रशासनिक न्यायमूर्ति सत्र संभाग औरैया अरुण कुमार के निर्देशन तथा जनपद न्यायाधीश मयंक चौहान के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश मयंक चौहान, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय विवेक त्रिपाठी, पीठासीन अधिकारी एमएसीटी रजनीश कुमार, स्थाई लोक अदालत अध्यक्ष रमेश कुमार सिंह, जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष इन्द्रपाल सिंह भदौरिया एवं अपर जिला जज प्रथम पारूल जैन सहित अन्य न्यायिक अधिकारियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रोमा गुप्ता एवं अन्य अधिकारियों ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रोमा गुप्ता ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 22,071 वादों का निस्तारण किया गया। इस दौरान 03 करोड़ 79 लाख 65 हजार 489 रुपये के ऋण मामलों का निस्तारण हुआ, जबकि 1 लाख 81 हजार 540 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूले गए। साथ ही 1 करोड़ 3 लाख 44 हजार 243 रुपये का प्रतिकर भी प्रदान किया गया।
एमएसीटी न्यायालय द्वारा 78 क्लेम तय करते हुए पीड़ितों को 78 लाख 90 हजार रुपये का प्रतिकर एवार्ड दिया गया। परिवार न्यायालय में 71 वादों का निस्तारण हुआ, जबकि विभिन्न न्यायालयों में सैकड़ों मामलों का आपसी सहमति से समाधान कराया गया।
इसके अलावा राजस्व विभाग ने 10,593, परिवहन विभाग ने 3,338, नगर पालिका एवं नगर पंचायतों ने 520 तथा स्वास्थ्य विभाग ने 496 मामलों का निस्तारण किया। बैंकों द्वारा 185 मामलों का समाधान कर लगभग 37 लाख 78 हजार रुपये की ऋण वसूली की गई।
जनपद न्यायाधीश मयंक चौहान ने कहा कि लोक अदालत का उद्देश्य लोगों को त्वरित, सुलभ एवं सस्ता न्याय उपलब्ध कराना है। इस बार आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में पिछले आयोजनों की तुलना में अधिक मामलों का निस्तारण हुआ, जो न्यायपालिका एवं प्रशासन के बेहतर समन्वय का परिणाम है।
हिन्दुस्थान समाचार / सुनील कुमार

