टीईटी परीक्षा 2026 को नकलविहीन कराने की तैयारी तेज
गोरखपुर, 30 जून (हि.स.)। आगामी शिक्षक पात्रता परीक्षा (UP TET) 2026 को सकुशल, नकलविहीन और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी क्रम में मंगलवार को एनेक्सी भवन सभागार में नोडल अधिकारी एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार एवं एसपी सिटी निमिष पाटील की अध्यक्षता में संबंधित अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में परीक्षा की तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था, केंद्र प्रबंधन तथा समन्वय से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने बताया कि शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन 2, 3 एवं 4 जुलाई 2026 को किया जाएगा। परीक्षा दो पालियों में संपन्न होगी, जिसमें प्रथम पाली सुबह 9:30 बजे से 12:00 बजे तक तथा द्वितीय पाली दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक आयोजित होगी। जनपद में कुल 72,020 अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित होंगे, जिसके लिए 32 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। प्रत्येक केंद्र पर सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है, जिससे परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी प्रभावी ढंग से की जा सके।
बैठक में नोडल एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार ने सभी अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और शुचिता के साथ संपन्न कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि केंद्र व्यवस्थापक, सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं स्टैटिक मजिस्ट्रेट आपसी समन्वय बनाकर कार्य करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। परीक्षा केंद्रों पर मूलभूत सुविधाओं—जैसे पेयजल, बिजली, शौचालय एवं बैठने की समुचित व्यवस्था—सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
एसपी सिटी निमिष पाटील ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि परीक्षा के दौरान कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, संवेदनशील केंद्रों पर विशेष निगरानी तथा संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही, परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करने और यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में यह भी बताया गया कि परीक्षा से पूर्व केंद्र व्यवस्थापकों, सेक्टर एवं स्टैटिक मजिस्ट्रेट के साथ समन्वय बैठक आयोजित की जा चुकी है। साथ ही कक्ष निरीक्षकों का प्रशिक्षण भी एक या दो दिन पूर्व सुनिश्चित कराया जाएगा, ताकि परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी या व्यवस्थागत समस्या न उत्पन्न हो।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि परीक्षा को नकलविहीन बनाए रखने के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी, प्रवेश के समय सघन जांच तथा अन्य आवश्यक प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन कराया जाएगा। डबल लॉक व्यवस्था के तहत प्रश्नपत्रों को सुरक्षित रखा जाएगा, जिससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना न रहे।
बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और निर्धारित जिम्मेदारियों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अंत में नोडल अधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाएं, ताकि जनपद में परीक्षा शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

