आगरा : फुटवियर निर्यात को मिलेगी नई उड़ान, तीन दिवसीय ‘मीट एट आगरा 2026’ शुरू

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आगरा : फुटवियर निर्यात को मिलेगी नई उड़ान, तीन दिवसीय ‘मीट एट आगरा 2026’ शुरू


फुटवियर आयात निर्यात से जुड़े 11 देशों के 250 से अधिक प्रदर्शक होंगे शामिल

आगरा, 03 अक्टूबर (हि.स.)। आगरा में फुटवियर उद्योग का तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मेला ‘मीट एट आगरा-2026’ शनिवार से शुरू होगा। आगरा-मथुरा रोड स्थित सींगना के आगरा ट्रेड सेंटर में आयोजित मेले में 11 देशों के 250 से अधिक प्रदर्शक फुटवियर, कंपोनेंट, मशीनरी और नई तकनीक का प्रदर्शन करेंगे। आयोजकों के मुताबिक मेले में करीब 20 से 25 हजार उद्योगपतियों, निर्यातकों और विजिटर्स के पहुंचने की संभावना है।

आगरा फुटवियर मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स चैंबर (एफमेक) की ओर से आयोजित यह मेले का 18वां संस्करण है। उद्घाटन उत्तर प्रदेश स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह करेंगे। मेला पांच अक्टूबर तक चलेगा।

एफमेक अध्यक्ष गोपाल गुप्ता ने बताया कि चीन की आठ प्रमुख कंपनियां इस बार आधुनिक मशीनरी और तकनीक के साथ मेले में भाग ले रही हैं। इटली समेत अन्य देशों की कंपनियां भी अपने उत्पाद प्रदर्शित करेंगी। मेले का उद्देश्य स्थानीय फुटवियर उद्योग को वैश्विक बाजार, नई तकनीक और आधुनिक उत्पादन प्रक्रियाओं से जोड़ना है।

उन्होंने कहा कि आगरा को ‘फुटवियर कैपिटल’ के रूप में पहचान मिलने और यहां के लेदर फुटवियर को जीआई टैग मिलने से उद्योग के लिए नए अवसर बने हैं। विभिन्न देशों के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) का लाभ लेने के लिए स्थानीय निर्माताओं को वैश्विक गुणवत्ता, डिजाइन और उत्पादन तकनीक पर ध्यान देना होगा।

फेयर चेयरमैन माला खेड़ा ने बताया कि इस वर्ष मेले की थीम ‘डिस्कवर, क्रिएट, कनेक्ट एंड ग्रो’ है। आयोजन में छोटे, मझोले और मध्यम उद्योगों को नई तकनीक और वैश्विक बाजार की जरूरतों से परिचित कराने पर जोर दिया जा रहा है।

एफमेक के महासचिव प्रदीप वासन ने बताया कि चार अक्टूबर को फैक्ट्री मालिकों और एजेंटों के बीच संवाद एवं सम्मान समारोह होगा, जबकि पांच अक्टूबर को प्रदर्शकों को सम्मानित किया जाएगा।

भारत चीन के बाद दूसरा बड़ा फुटवियर उत्पादक

एफमेक संयोजक पूरन डाबर के अनुसार, ‘वर्ल्ड फुटवियर ईयरबुक-2026’ के आंकड़ों के मुताबिक 2025 में दुनिया में करीब 2,460 करोड़ जोड़ी फुटवियर का उत्पादन हुआ। इसमें भारत की हिस्सेदारी करीब 300 करोड़ जोड़ी यानी 12.2 प्रतिशत रही। उत्पादन के लिहाज से भारत चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा फुटवियर उत्पादक है। भारत में घरेलू फुटवियर खपत करीब 280 करोड़ जोड़ी रही।

उन्होंने कहा कि फैशन, आरामदायक फुटवियर की मांग तथा रिटेल और ऑनलाइन कारोबार के विस्तार से उद्योग के लिए नए अवसर पैदा हुए हैं। इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए गुणवत्ता, डिजाइन और आधुनिक उत्पादन तकनीक को अपनाना जरूरी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विवेक उपाध्याय

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