प्रदर्शन करना छात्र-छात्राओं का अधिकार,लेकिन मर्यादा को पार कर गालियां देना उचित नहीं : मीनाक्षी भराला

WhatsApp Channel Join Now
प्रदर्शन करना छात्र-छात्राओं का अधिकार,लेकिन मर्यादा को पार कर गालियां देना उचित नहीं : मीनाक्षी भराला


बागपत, 27 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद में कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को महिला सम्बन्धी मामलों में जनसुनवाई के दौरान महिला आयोग की सदस्य मीनाक्षी भराला ने काॅक्रराेच जनता पार्टी (सीजेपी) प्रोटेस्ट को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मैंने प्राेटेस्ट में शामिल छात्राओं के ऐसी वीडियो देखें हैं जिसमें वो भद्दी भद्दी

गालियां दे रही थीं। धरना प्रदर्शन उनका अधिकार है लेकिन मर्यादा को पार करना उचित नहीं है। छात्राओं ने पहले अभद्रता की जिसके चलते पुलिस काे बल प्रयाेग करना पड़ा।

पत्रकाराें से बातचीत के दौरान मीनाक्षी भराला ने दिल्ली सीजेपी धरने काे लेकर किए सवाल पर कहा कि प्रदर्शन

करने वालाें काे धरने में संयम रखना चाहिये था। लेकिन उन्होंने जो बतमीजी की उसके बाद वहां की स्थिति खराब हुई और पुलिस काे सख्ती से निपटना पड़ा।

महिला आयोग की सदस्य मीनाक्षी भराला ने यहां जनसुनवाई में आईं पीड़िताओं से संवाद किया। उन्हाेंने बताया कि जनसुनवाई में 12 से 15 केस आये हैं जिसमें कुछ पहले से चल रहे हैं। कुछ में समझौता कराया जा रहा है। गंभीर मामलों में सम्बंधित थाना प्रभारियों से बात की गई है। महिला सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।

महिला आयोग की सदस्य ने कांवड़ यात्रा मार्ग में दुकानों पर नाम लिखने को लेकर किए सवाल पर कहा कि सभी दुकानदारों को दुकान पर अपना नाम लिखने में परेशानी नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिन्दू धार्मिक आस्थाओं का सम्मान करते हुए ऐसा किया है। हमारे धर्मानुसार श्रवण मास में मांस मंदिरा वर्जित है, ऐसे में धर्म बचाने के लिए ऐसे कार्य जरूरी है। इस दाैरान सम्बंधित जनपदीय अधिकारी भी मौजूद रहे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / सचिन त्यागी

Share this story