मीजल्स-रूबेला के लिए ओआरआई अभियान शुरू, हर बच्चे का टीकाकरण जरूरी : जिलाधिकारी
कानपुर, 09 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद कानपुर में खसरा-रूबेला संक्रमण की रोकथाम को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है और प्रत्येक बच्चे तक टीकाकरण पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। हाल ही में सामने आए मामलों को गंभीरता से लेते हुए ओआरआई (आउटब्रेक रेस्पॉन्स) अभियान की शुरुआत की गई है, जिसके माध्यम से लक्षित बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर बच्चों को चिन्हित कर रही हैं और अभिभावकों को जागरूक भी कर रही हैं। सभी अभिभावक अपने बच्चों का समय से टीकाकरण कराएं और स्वास्थ्य टीमों का सहयोग करें। यह बातें गुरुवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कही।
जनपद में एमआर (मीजल्स-रूबेला) संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण के उद्देश्य से नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, कैंट से ओआरआई अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस अभियान के तहत चिन्हित क्षेत्रों में कुल 03 सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें लगभग 200 बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर टीमों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सके।
जिलाधिकारी ने बताया कि नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को विभिन्न बीमारियों से बचाव हेतु टीके लगाए जाते हैं, लेकिन खसरा-रूबेला के हालिया मामलों को देखते हुए यह विशेष अभियान आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि इस बीमारी में बुखार के बाद शरीर पर चकत्ते उभर आते हैं, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है और समय पर उपचार न मिलने पर स्थिति बिगड़ सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि शासन और स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य खसरा-रूबेला जैसी बीमारियों का पूर्ण उन्मूलन करना है। इसके लिए जनसहयोग बेहद जरूरी है। अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अपने बच्चों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाकर अनिवार्य रूप से टीकाकरण कराएं। साथ ही जहां-जहां स्वास्थ्य टीमें पहुंचें, वहां सहयोग प्रदान करें, ताकि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रह जाए और जनपद के सभी बच्चों का सुरक्षा कवच मजबूत किया जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

