मथुरा रिफाइनरी: अवैध वसूली के विरोध में संविदा कर्मियों का प्रदर्शन
-ठेकेदार पर 60 लाख रुपए हड़पने का आरोप
मथुरा, 15 जुलाई (हि.स.)। मथुरा रिफाइनरी में टीपीएम टेंडर से जुड़े लगभग 50 संविदा कर्मचारियों ने बुधवार को अपनी मांगों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। पेट्रोलियम वर्कर्स यूनियन (कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स रिफाइनरी यूनिट) के बैनर तले जुटे श्रमिकों ने जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।
एआईटीयूसी से संबद्ध यूनियन के अध्यक्ष एडवोकेट मधुसूदन चतुर्वेदी ने ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि टीपीएम टेंडर शुरू होने के बाद से मजदूरों का लगातार शोषण किया जा रहा है। ठेकेदार ने संविदा कर्मचारियों के वेतन से मार्च 2026 तक लगभग 60 लाख रुपये चौथ (अवैध वसूली) के रूप में जबरन वसूले हैं। जिला और पुलिस प्रशासन के पिछले हस्तक्षेप के बाद, कर्मचारियों ने मार्च महीने से यह अवैध भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया था।
यूनियन का आरोप है कि अवैध वसूली बंद होने से बौखलाए ठेकेदार ने 7 जुलाई से करीब 50 कर्मचारियों के गेट पास का नवीनीकरण (रिन्यूअल) रोक दिया है, जिसके कारण ये मजदूर भुखमरी की कगार पर आ गए हैं। उन्हें काम से बाहर कर दिया गया है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार उन पर मार्च से अब तक की कथित बकाया राशि चुकाने का दबाव बना रहा है और धमकी दे रहा है कि भुगतान करने के बाद ही गेट पास जारी किए जाएंगे।
पेट्रोलियम वर्कर्स यूनियन ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सभी प्रभावित संविदा कर्मियों को तुरंत काम पर बहाल किया जाए और अवैध वसूली के मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी ठेकेदार के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए।---------------
ज्ञापन सौंपने के बाद यूनियन प्रतिनिधियों ने बताया कि जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसमें तुरंत हस्तक्षेप करने, निष्पक्ष जांच कराने और श्रमिकों को न्यायोचित समाधान दिलाने का पूरा भरोसा दिया है।
हिन्दुस्थान समाचार / महेश कुमार

