मथुरा पनीर निर्माण इकाई पर छापा, 500 किलो दूषित पनीर नष्ट कराया
स्किम्ड मिल्क पाउडर, टिनोपॉल, ‘रंग काट’, रिफाइंड पामोलीन ऑयल व सोयाबीन से तैयार किया जा रहा था पनीर
अन्य सामग्री सीज, खाद्य कारोबारकर्ता के खिलाफ प्राथमिकी की कार्रवाई
मथुरा, 17 अगस्त। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने सोमवार, 17 अगस्त को प्राप्त सूचना के आधार पर मथुरा जनपद के ग्राम हुसैनी, थाना शेरगढ़, तहसील छाता में पनीर निर्माण इकाई पर छापामार कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान मौके पर खाद्य पदार्थ पनीर के निर्माण में दूध के साथ विभिन्न गैर-दुग्ध सामग्री और रसायनों के इस्तेमाल की बात सामने आई। टीम ने मौके से पनीर सहित दूध, पामोलीन ऑयल और निर्माण में प्रयुक्त किए जा रहे रसायनों के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजने की कार्रवाई की।

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सोनू कुमार पुत्र छीतर मल की पनीर निर्माण इकाई पर जांच की। निरीक्षण के दौरान मौके पर स्किम्ड मिल्क पाउडर, टीनोपाल (व्हाइटनिंग एजेंट), ‘रंग काट’ (सोडियम हाइड्रोसल्फाइट), रिफाइंड पॉमोलिन ऑयल और सोयाबीन सहित अन्य सामग्री का इस्तेमाल कर पनीर तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई।

500 किलो पनीर और 2,000 लीटर दूध कराया नष्ट
कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके पर तैयार लगभग 500 किलोग्राम दूषित पनीर, जिसकी अनुमानित कीमत 1.05 लाख रुपये बताई गई, को नष्ट कराया। इसके अलावा करीब 2,000 लीटर दूध, जिसकी अनुमानित कीमत 1.25 लाख रुपये है, को भी मौके पर नष्ट कराया गया। विभाग की कार्रवाई के बाद खाद्य कारोबारकर्ता द्वारा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया से संबंधित नियमों के उल्लंघन को लेकर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू की गई।

पामोलीन ऑयल और रसायनों के नमूने लिए
खाद्य सुरक्षा टीम ने जांच के लिए पनीर और दूध के साथ निर्माण में इस्तेमाल किए जा रहे 80 किलोग्राम पामोलीन ऑयल, 12 किलोग्राम ‘रंग काट’ तथा 20 किलोग्राम टिनोपॉल केमिकल के नमूने भी संग्रहित किए। सभी नमूनों को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अन्य सामग्री सीज, एफआईआर दर्ज
छापामार कार्रवाई के दौरान मौके पर मिली अन्य संदिग्ध सामग्री को भी विभागीय टीम ने सीज कर दिया। खाद्य कारोबारकर्ता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जा रही है। विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य मिलावटी अथवा गैर-मानक खाद्य पदार्थों के निर्माण और बिक्री पर प्रभावी रोक लगाना तथा उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों के निर्माण में निर्धारित मानकों के विपरीत किसी भी गैर-अनुमोदित सामग्री अथवा रसायन का इस्तेमाल किए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पनीर और अन्य दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर विभाग की निगरानी और प्रवर्तन कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में बीते शनिवार को ही विभाग की ओर से ऐसे मामलों से निपटने के लिए एक वृहद एसओपी जारी की गई है, जबकि इस तरह के मामलों में तत्काल डायरी इकाई को बंद करने समेत बीएनएस की धाराओं में एफआईआर के निर्देश दिये गए हैं।

