सक्षमता का सशक्त अभियान है दिव्यांग बेटियों का सामूहिक विवाह : न्यायमूर्ति नीरज तिवारी

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सक्षमता का सशक्त अभियान है दिव्यांग बेटियों का सामूहिक विवाह : न्यायमूर्ति नीरज तिवारी


--यह प्रयास दिव्यांगजन सशक्तिकरण का एक प्रकाश स्तम्भ: न्यायमूर्ति विपिन दीक्षित

--यह आयोजन आत्मनिर्भरता की ओर एक साहसिक कदम: राजकुमार चोपड़ा

--प्रयागराज में 11 दिव्यांग बेटियों का सामूहिक विवाह एवं सम्मान समारोह

--दिव्यांगता क्षेत्र मे कार्य करने वाले दस विभूतियों का हुआ सम्मान

प्रयागराज, 28 फरवरी (हि.स)। बैंक रोड स्थित राजर्षि टंडन सेवा केंद्र में शनिवार को 11 दिव्यांग बेटियों का सामूहिक विवाह एवं सम्मान समारोह अत्यंत हर्षाेल्लास और गरिमा के साथ हुआ। मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति नीरज तिवारी ने कहा “यह आयोजन सहायता नहीं, बल्कि सक्षमता का सशक्त अभियान है। विवाह के साथ साथ रोजगार उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भरता की जो नींव रखी जा रही है, वही वास्तविक सामाजिक परिवर्तन है। जब हम किसी व्यक्ति को सक्षम बनाते हैं, तभी राष्ट्र को मजबूत करते हैं।”

उन्होंने संयोजक श्रीनारायण यादव की विशेष सराहना करते हुए कहा “श्रीनारायण यादव ने अपने साहस, संवेदनशीलता और दूरदर्शिता से यह सिद्ध कर दिया है कि सीमाएं शरीर में होती हैं, संकल्प में नहीं। न्यायमूर्ति विपिन चंद्र दीक्षित ने कहा कि यह प्रयास दिव्यांगजन सशक्तिकरण का एक प्रकाश स्तम्भ है, जो समाज को सेवा, समर्पण और समानता का मार्ग दिखाता है।”

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राजकुमार चोपड़ा (राष्ट्रीय अध्यक्ष, लोकसेवक मंडल) ने कहा कि यह आयोजन सामाजिक बाधाओं और असमानताओं को तोड़ते हुए आत्मनिर्भरता की ओर एक साहसिक कदम है। दिव्यांगजन सामूहिक विवाह का उद्देश्य उन्हें समाज की मुख्यधारा में सम्मानजनक स्थान दिलाना और उनके जीवन में नई शुरुआत सुनिश्चित करना है। विशिष्ट अतिथि प्रो अवनीश चंद्र मिश्र ने इस आयोजन को सामाजिक समावेशिता, सम्मान और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया तथा नवदम्पति जोड़ों को शुभकामनाएं दीं।

कर्मचारी नेता रवि शंकर मिश्र ने बताया कि यह आयोजन लोकसेवक मंडल, शेरवानी चैरिटेबल ट्रस्ट, अखिल भारतीय महिला परिषद (शहर शाखा) तथा अनाम स्नेह परिवार, माया अर्नामेंट के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। दिव्यांग दुल्हनों ने बग्घी पर बैठकर डीजे और भांगड़ा की धुनों के साथ बैंक रोड से भव्य बारात निकाली। राजर्षि टंडन सेवा केंद्र पहुंचने पर वरिष्ठ अधिवक्ता सुभाष राठी, डॉ. बीना सिंह, यमुनोत्री गुप्ता, कांता चोपड़ा, मधू यादव, डॉ सुधा पाण्डेय, आभा मिश्रा, अनुराधा एवं पद्मावती, प्रिया रावत, शिखा ने दुल्हनों को रोली का टीका लगाकर तथा फूलों से सजी थाली से आरती उतारकर स्वागत किया गया।

नवविवाहित दुल्हनों को गृहस्थी बसाने हेतु आवश्यक घरेलू सामान प्रदान किया गया। साथ ही दस दिव्यांगजनों को ट्राई साइकिल पर चलित दुकानें प्रदान कर रोजगार से जोड़ा गया। जिससे उन्हें स्वाभिमान के साथ जीवनयापन करने का अवसर मिला। कार्यक्रम का संचालन लोकसेवक मंडल के सचिव शिक्षा विद ब्रह्माप्रकाश तिवारी एवं धन्यवाद ज्ञापन ओमप्रकाश शुक्ल अध्यक्ष सामाजिक एकता परिषद ने किया।

मीडिया प्रभारी रवि शंकर मिश्र ने बताया कि इस अवसर पर सामूहिक विवाह एवं दिव्यांगता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले दस लोगों को श्रीफल, मोमेंटो, प्रशस्ति पत्र, अंगवस्त्र, मिठाई एवं ड्राईफ्रूट प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में डॉ. श्रीप्रकाश “छोटे महराज” पुरोहित्य सम्मान, आनंद घिल्डियाल “आनू” (वरिष्ठ पार्षद) जनसेवा सम्मान, मनोज कुमार केशरवानी समाज प्रहरी सम्मान, स्व. उमेश चंद्र यादव “अच्चू” (पूर्व पार्षद) स्मृति सम्मान, प्रेमलता शुक्ला समाज प्रहरी सम्मान, तराना बुआ “किन्नर” विमल नारी सम्मान, अनिल जायसवाल “नीलू” दिव्यांगजन हितैषी सम्मान, अभिषेक चौहान न्याय प्रहरी सम्मान, डॉ. सुनील बिझला समावेशी शिक्षक सम्मान एवं जावेद सिद्दीकी स्वराज को उद्यमी सम्मान से सम्मानित किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र

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