वीरांगना महारानी दुर्गावती का बलिदान दिवस ‘शौर्य दिवस’ के रूप में मनाया गया

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वीरांगना महारानी दुर्गावती का बलिदान दिवस ‘शौर्य दिवस’ के रूप में मनाया गया


देवरिया, 24 जून (हि.स.)। भारतवर्षीय गोंड आदिवासी महासभा, देवरिया के तत्वावधान में बुधवार को वीरांगना महारानी दुर्गावती का बलिदान दिवस “शौर्य दिवस” के रूप में भव्यता और उत्साह के साथ मनाया गया। जिला मुख्यालय स्थित देवरिया क्लब में आयोजित कार्यक्रम में हजारों की संख्या में गोंड आदिवासी समाज के लोगों ने भाग लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत वीरांगना महारानी दुर्गावती की भव्य शोभायात्रा से हुई। हाथी-घोड़ों, ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक आदिवासी नृत्य से सुसज्जित शोभायात्रा आकर्षण का केंद्र रही। इस दौरान समाज की कई युवतियां हाथों में तीर-धनुष लेकर महारानी दुर्गावती के स्वरूप में आगे चल रही थीं, जिससे कार्यक्रम में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक गौरव की झलक दिखाई दी।

मुख्य अतिथि भाजपा के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष काली प्रसाद ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र और प्रदेश की डबल इंजन सरकार समाज के दबे, कुचले और शोषित वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने आदिवासी समाज के विकास और सशक्तिकरण के लिए सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी।

महासभा के जिलाध्यक्ष मुंशी प्रसाद गोंड ने कहा कि महारानी दुर्गावती ने 24 जून 1564 को गोंडवाना साम्राज्य और देश की रक्षा के लिए मुगलों से संघर्ष करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था। उन्होंने कहा कि जो समाज अपनी संस्कृति, परंपरा और गौरवशाली इतिहास को भूल जाता है, उसका अस्तित्व समाप्त हो जाता है। इसलिए अपनी विरासत को संरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।

प्रदेश महासचिव रामधनी गोंड ने कहा कि सरकार आदिवासी समाज के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में टेक्निकल असिस्टेंट पद पर चयनित अजय कुमार गोंड और भानुप्रिया गोंड को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बैजनाथ गोंड, ओमप्रकाश गोंड, राम प्रताप गोंड, गिरजा शंकर गोंड, अशोक कुमार गोंड सहित अनेक वक्ताओं ने विचार व्यक्त किए। समारोह में समाज के हजारों लोगों की उपस्थिति रही।

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हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक

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