प्रभावी प्रशासन के लिए जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन, नागरिक सहभागिता व तकनीकी नवाचार का संतुलन आवश्यक : स्मिता किंजल

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प्रभावी प्रशासन के लिए जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन, नागरिक सहभागिता व तकनीकी नवाचार का संतुलन आवश्यक : स्मिता किंजल


--शहीद डीएसपी के.पी सिंह स्मृति व्याख्यान का आयोजन

प्रयागराज, 24 फरवरी (हि.स.)। डायमंड जुबिली हॉस्टल में शहीद डीएसपी के.पी. सिंह स्मृति व्याख्यान का आयोजन मंगलवार को किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में उनकी पुत्री स्मिता किंजल सिंह, वर्ष 2008 बैच की अधिकारी एवं वर्तमान में उत्तर प्रदेश की परिवहन आयुक्त उपस्थित रहीं। उन्होंने “विकसित भारत 2027 हेतु प्रशासनिक कौशल” विषय पर सारगर्भित व्याख्यान दिया।

स्मिता किंजल सिंह ने प्रशासनिक ढांचे की विभिन्न परतों, सुशासन की भूमिका, नवाचार, पारदर्शिता, संवेदनशीलता तथा जनसेवा को केंद्र में रखकर विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्रभावी प्रशासन के लिए नीति निर्माण के साथ-साथ जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन, नागरिक सहभागिता और तकनीकी नवाचार का संतुलन आवश्यक है। उन्होंने युवा विद्यार्थियों को लोक सेवा में आने हेतु प्रेरित करते हुए अपने प्रशासनिक सफर के अनुभव भी साझा किए।

कार्यक्रम से पूर्व शहीद डीएसपी कृष्ण प्रताप सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वे एक वीर अधिकारी के साथ-साथ साहित्यकार भी थे। स्मृति स्वरूप उनकी पुत्री स्मिता किंजल सिंह द्वारा वृक्षारोपण किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने शहीद डीएसपी के.पी. सिंह के साहस, कर्तव्यनिष्ठा एवं प्रेरणादायी जीवन पर प्रकाश डाला।

उल्लेखनीय है कि, शहीद डीएसपी अपने शैक्षणिक एवं तैयारी काल में डायमंड जुबिली हॉस्टल के कक्ष संख्या 68 में निवासरत रहे थे। हॉस्टल एवं विश्वविद्यालय परिसर में यह कार्यक्रम उनके स्मरण और प्रेरणा को जीवंत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।

कार्यक्रम में हॉस्टल प्रशासन की ओर से अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र कुमार सिंह, वार्डन प्रो. राजेश गर्ग, विश्वविद्यालय के पूर्व प्रॉक्टर प्रो. राकेश सिंह, एलुमनी एसोसिएशन के सचिव प्रो. कुमार बीरेंद्र, प्रॉक्टर प्रभारी डॉ. अतुल नारायण, डॉ. उत्तम सिंह तथा डॉ. अविनाश श्रीवास्तव ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया।

जिला प्रशासन की ओर से संजीव गुप्ता (आरटीओ), हिमेश तिवारी (आरटीओ), आनंद राव (एआरटीओ), राजीव कुमार (एआरटीओ) एवं राजीव चतुर्वेदी (एआरटीओ) की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने प्रशासनिक सेवा, तैयारी रणनीति एवं कैरियर मार्गदर्शन से जुड़े प्रश्न पूछे। आयोजन का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र

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