वृद्ध और दिव्यांग कार्डधारकों के घर पर राशन पहुँचायेंगे कोटेदार

WhatsApp Channel Join Now
वृद्ध और दिव्यांग कार्डधारकों के घर पर राशन पहुँचायेंगे कोटेदार


लखनऊ, 15 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश सरकार ने दिव्यांग और वृद्ध राशन कार्डधारकों की सुविधा के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब ऐसे पात्र लाभार्थियों को राशन लेने के लिए उचित दर की दुकान तक नहीं जाना होगा। कोटेदार स्वयं उनके घर जाकर राशन पहुंचाएंगे। यह जानकारी खाद्य एवं रसद विभाग के मंत्री मनोज पांडेय ने बुधवार को लोकभवन में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान दी।

मनोज पाण्डेय ने बताया कि सरकार का उद्देश्य जरूरतमंद और असहाय लोगों को बिना किसी परेशानी के समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराना और सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक सुविधाजनक बनाना है। अब खाद्यान्न के आवंटन और वितरण से संबंधित जानकारी लाभार्थियों को एसएमएस के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है।

मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के 16 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध करा रही है। सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक बिना किसी भेदभाव के योजना का लाभ पहुंचे। उन्होंने कहा कि वह स्वयं 16 जिलों का दौरा कर राशन वितरण व्यवस्था का जायजा ले चुके हैं। उन्होंने बताया कि सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 47 लाख नए पात्र लाभार्थियों को भी इस योजना से जोड़ा जाएगा।

मनोज पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत संचालित यह व्यवस्था देश की सबसे बड़ी जनकल्याणकारी योजनाओं में शामिल है। योजना के संचालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने बताया कि लाभार्थियों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए जल्द ही एक टोल-फ्री नंबर शुरू किया जाएगा। राशन की आपूर्ति करने वाले वाहनों की विभागीय स्तर पर मार्किंग की जाती है, जिससे खाद्यान्न की आवाजाही और वितरण प्रक्रिया की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित हो सके।

खाद्यान्न के सुरक्षित भंडारण और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रदेश की ग्राम पंचायतों में अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। अब तक 7,534 अन्नपूर्णा भवन बनकर तैयार हो चुके हैं, जबकि 2,576 भवनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। सरकार का उद्देश्य राशन वितरण व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाना है।

मनोज पांडेय ने बताया कि विवाह के बाद बेटियों के राशन कार्ड की यूनिट को उनके नए जिले अथवा राज्य में स्थानांतरित करने की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। इस पहल का लाभ अब तक 55,910 महिलाओं को मिल चुका है, जिससे उन्हें नए निवास स्थान पर राशन प्राप्त करने में सुविधा हो रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

Share this story