आईजीआरएस शिकायतों में लापरवाही पर नगर आयुक्त का बड़ा एक्शन, 10 आउटसोर्स कर्मी बर्खास्त

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आईजीआरएस शिकायतों में लापरवाही पर नगर आयुक्त का बड़ा एक्शन, 10 आउटसोर्स कर्मी बर्खास्त


कानपुर, 12 अप्रैल (हि.स.)। आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और भ्रामक आख्या पर सख्त रुख अपनाते हुए नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की। समीक्षा में 58 शिकायतों पर असंतोषजनक फीडबैक सामने आने से प्रशासन हरकत में आया और जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर गाज गिरी। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से करना अनिवार्य है। लापरवाही करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। “यह बातें रविवार को नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने कही।

नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने प्रकाश विभाग के अंतर्गत आईजीआरएस प्रकरणों की समीक्षा के दौरान पाया कि कई मामलों में शिकायतों के निस्तारण में गंभीर लापरवाही बरती गई है। कई प्रकरणों में भ्रामक एवं अपूर्ण आख्या पोर्टल पर अपलोड की गई, जिससे नागरिकों में असंतोष बढ़ा। कुल 58 शिकायतों पर असंतोषजनक फीडबैक मिलना प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।

इसी के चलते अवर अभियंता आशुतोष कुमार एवं सहायक अभियंता (मार्ग प्रकाश) राजेश कुमार सिंह के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही दोनों का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोकने के निर्देश दिए गए हैं।

नगर आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक शिकायत का स्थलीय सत्यापन करने के बाद ही पोर्टल पर आख्या अपलोड की जाए। भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

इसी क्रम में 10 अप्रैल 2026 को गोविंद नगर स्थित जोनल कार्यालय (जोन-05) का औचक निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान कई कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। साथ ही, मार्ग प्रकाश विभाग में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों की कार्यक्षमता रिपोर्ट में भी लापरवाही सामने आई।

अवर अभियंता द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर कार्य में उदासीनता बरतने वाले 10 आउटसोर्स कर्मचारियों—शहनवाज शरीफ, रियाजुद्दीन सिद्दीकी, सुमित कश्यप, आशू कुमार, प्रिया (रिसीट/डिस्पैच), जय सिंह, आयुष पाण्डेय, राहुल राठौर, अरुण कुमार एवं मो. आरिफ को सेवा से पृथक कर दिया गया है।

नगर आयुक्त ने यह भी निर्देश दिए कि औचक निरीक्षण में अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों के खिलाफ भी वेतन रोकने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि कार्य संस्कृति में सुधार लाया जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

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