डीएफसी अंबाला में ईआरसी चोरी का पर्दाफाश, चार गिरफ्तार

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डीएफसी अंबाला में ईआरसी चोरी का पर्दाफाश, चार गिरफ्तार


--जीपीएस तकनीक से बड़ा हादसा टला

प्रयागराज, 06 जनवरी (हि.स.)। ट्रैक सुरक्षा में सतर्कता और आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग का एक उल्लेखनीय उदाहरण सामने आया है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DFCCIL) की सुरक्षा टीम ने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के अंबाला सेक्शन में इलास्टिक रेल क्लिप्स (ईआरसी) की चोरी में संलिप्त एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस त्वरित कार्रवाई से न केवल चार आरोपितों की गिरफ्तारी संभव हुई, बल्कि सम्भावित बड़े रेल हादसे को भी समय रहते टाल दिया गया।

एनसीआर के सीपीआरओ शशि कांत त्रिपाठी ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि यह सम्पूर्ण अभियान आशीष मिश्रा, जीजीएम (सुरक्षा), ईडीएफसी के नेतृत्व में उनकी टीम द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि दिसम्बर के अंतिम सप्ताह में ईडीएफसी, अंबाला यूनिट के अंतर्गत न्यू जरौड़ा नारादृन्यू मंसूरपुर सेक्शन में ईआरसी चोरी की लगातार घटनाएं सामने आ रही थीं। जो रेलवे ट्रैक की मजबूती और सुरक्षित रेल संचालन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं और इनके हटाए जाने से गंभीर जोखिम उत्पन्न हो सकता है। इन घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए DFCCIL सुरक्षा टीम ने जीपीएस ट्रैकिंग तकनीक पर आधारित एक रणनीति अपनाई, जिसके परिणामस्वरूप तीन चोरों और चोरी का सामान खरीदने वाले एक व्यक्ति सहित कुल चार लोगों की गिरफ्तारी की गई।

--सतर्कता से पहली चोरी का खुलासाबीते 27-28 दिसम्बर की रात इस सेक्शन में पहली बार ईआरसी चोरी की सूचना मिली, जिसमें ट्रैक से 309 इलास्टिक रेल क्लिप्स चोरी हो गई थीं। सूचना मिलते ही DFCCIL सुरक्षा टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया और पास के एक गन्ने के खेत से चोरी किया गया समस्त सामान बरामद कर लिया। इससे तत्काल संभावित खतरे को टाल दिया गया। टीम ने यह आकलन भी किया कि चोरी की घटना दोबारा हो सकती है।

--जीपीएस ट्रैकर से बिछाया गया जालरोकथाम को प्राथमिकता देते हुए, सुरक्षा टीम ने दो बोरियों में रखे ईआरसी के भीतर गुप्त रूप से जीपीएस ट्रैकर लगाए और उन्हें पुनः उसी संवेदनशील स्थान पर रखा। इससे बिना किसी संदेह के पूरे क्षेत्र की डिजिटल एवं रियल-टाइम निगरानी संभव हो सकी।

--रियल टाइम ट्रैकिंग से गिरफ्तारीजैसा अनुमान था, 30-31 दिसम्बर की रात चोर एक बार फिर सक्रिय हुए और इस बार 486 ईआरसी चोरी कर DFCCIL की एक पुलिया (कल्वर्ट) के नीचे छिपा दिए। अनजाने में वे जीपीएस लगे बैग भी अपने साथ ले गए। जैसे ही ट्रैकर की लोकेशन में गतिविधि दर्ज हुई, DFCCIL सुरक्षा टीम ने तुरंत स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय स्थापित किया। रियल-टाइम लोकेशन के आधार पर कार्रवाई करते हुए चोरी का माल ले जा रही ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोका गया और तीन आरोपितों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। आगे की जांच में चोरी का सामान खरीदने वाले एक अन्य व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया।

--जागरूकता अभियान और समन्वय सुदृढ़ीकरणवरिष्ठ जनसम्पर्क अधिकारी अमित मालवीय ने बताया कि कार्रवाई के साथ-साथ DFCCIL द्वारा आसपास के गांवों में जागरूकता अभियान भी चलाया गया, जिसमें ग्रामीणों को रेल सम्पत्ति से दूर रहने, रेलवे उपकरणों की चोरी न करने की जानकारी दी गई। इस सफल अभियान के बाद ट्रैक सुरक्षा को और मजबूत करने के उद्देश्य से एसएसपी मुजफ्फरनगर एवं रेंज पुलिस अधिकारियों के साथ एक समन्वय बैठक की गई। बैठक में संवेदनशील एवं ‘ब्लैक स्पॉट’ क्षेत्रों की पहचान, निवारक गश्त बढ़ाने तथा पुलिस-रेलवे के बीच आपसी तालमेल को और बेहतर बनाने पर चर्चा की गई।

आशीष मिश्रा ने सुरक्षा टीम की सराहना करते हुए अंबाला स्टेशन के पास सिग्नल पोस्ट तथा सहारनपुर क्षेत्र में ट्रैक-साइड कनेक्शन बॉक्स (सिग्नलिंग उपकरण) से जुड़ी चोरी के मामलों का उल्लेख किया, जिन्हें जीपीएस तकनीक की मदद से सफलतापूर्वक सुलझाया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र

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