चित्रकूट के विकास को बड़ा बूस्टर: महायोजना-2031 को मिली शासन की मंजूरी

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चित्रकूट के विकास को बड़ा बूस्टर: महायोजना-2031 को मिली शासन की मंजूरी


चित्रकूट के विकास को बड़ा बूस्टर: महायोजना-2031 को मिली शासन की मंजूरी


चित्रकूट,11 अक्टूबर (हि.स.)। धर्म और अध्यात्म की नगरी चित्रकूट के विकास को नई उड़ान देने की तैयारी है। उत्तर प्रदेश शासन ने चित्रकूटधाम-कर्वी

महायोजना-2031 को मंजूरी दे दी है। इस स्वीकृति के साथ शहर के भविष्य के विस्तार, आवासीय जरूरतों, व्यावसायिक गतिविधियों और पर्यटन आधारित विकास को व्यवस्थित दिशा देने का रास्ता साफ हुआ है।

नई महायोजना में न केवल आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों का दायरा बढ़ाया गया है, बल्कि प्रमुख मार्गों के किनारे विकास, नई टाउनशिप, पार्किंग, पर्यटन सुविधाओं और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है।

जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने बताया कि महायोजना-2021 के मुकाबले महायोजना-2031 में आवासीय क्षेत्र को 626 हेक्टेयर से बढ़ाकर 1,534 हेक्टेयर कर दिया गया है। यानी इसमें 908 हेक्टेयर की वृद्धि प्रस्तावित है। वहीं, व्यावसायिक क्षेत्र 56 हेक्टेयर से बढ़कर 183 हेक्टेयर हो गया है। यह वृद्धि शहर की बढ़ती आवासीय जरूरतों और व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार को ध्यान में रखकर नियोजित विकास की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देती है।

विभिन्न प्रमुख मार्गों पर कृषि भू-उपयोग में आवश्यकतानुसार बदलाव करते हुए आवासीय और व्यावसायिक उपयोग का प्रावधान किया गया है। इससे शहर के विस्तार को नियोजित स्वरूप देने और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप भूमि उपयोग तय करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

प्रमुख मार्गों के किनारे विकास की नई तस्वीर

महायोजना में झांसी-कर्वी-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग-35 के दोनों ओर आवासीय और व्यावसायिक विकास को व्यवस्थित करने का प्रस्ताव है। बेड़ी पुलिया से चित्रकूट, रामघाट और शंख चौराहा की ओर जाने वाले मार्ग पर मिश्रित भू-उपयोग, बेहतर सड़क चौड़ाई, पार्किंग और पर्यटक सुविधा केंद्र की व्यवस्था प्रस्तावित है।

देवांगना मार्ग पर आवासीय टाउनशिप, मल्टीमॉडल हब, व्यावसायिक क्षेत्र और बेहतर कनेक्टिविटी विकसित करने की परिकल्पना की गई है। बूढ़ा राजापुर और पहाड़ी राजापुर मार्गों पर भी आवासीय एवं व्यावसायिक विकास के जरिए शहर के विस्तार को व्यवस्थित करने की योजना है।

इसी क्रम में शिवरामपुर-चित्रकूट और शिवरामपुर-कामदगिरी मार्गों के दोनों ओर मिश्रित भू-उपयोग का प्रस्ताव रखा गया है। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे लिंक मार्ग को बेड़ी पुलिया और बस स्टेशन तक जोड़ने की योजना क्षेत्रीय आवागमन को बेहतर बनाने की दृष्टि से अहम है।

पर्यटन को सहारा, रोजगार की संभावनाओं को विस्तार

चित्रकूट की धार्मिक और आध्यात्मिक पहचान को देखते हुए महायोजना में पर्यटन सुविधाओं के विकास को विशेष महत्व दिया गया है। पार्किंग, पर्यटक सुविधा केंद्र, मल्टीमॉडल हब और बेहतर सड़क संपर्क से श्रद्धालुओं तथा पर्यटकों की आवाजाही को अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में काम हो सकेगा।

नई टाउनशिप और व्यावसायिक क्षेत्रों के विकास से आवास, व्यापार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। साथ ही पार्कों, हरित पट्टियों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े प्रावधानों के जरिए शहरी विकास और पर्यावरणीय संतुलन के बीच तालमेल बनाने पर जोर दिया गया है।

आध्यात्मिक नगरी के सुनियोजित भविष्य की नींव

जिलाधिकारी ने बताया कि चित्रकूटधाम-कर्वी महायोजना-2031 शहर के नियोजित और सतत विकास को गति प्रदान करेगी। शासन की मंजूरी से चित्रकूट के भावी विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण आधार मिला है। अब महायोजना के प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन शहर के विस्तार को व्यवस्थित करने, आधारभूत सुविधाओं को मजबूत बनाने और चित्रकूट की धार्मिक एवं पर्यटन संबंधी पहचान को नई ऊंचाई देने में अहम भूमिका निभाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / रतन पटेल

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