समाज में संघ को जो मान्यता मिली उसके पीछे स्वयंसेवकों की तपस्या और कठोर साधना:अलका ताई
प्रयागराज, 10 जनवरी (हि.स.)। त्यागी तथा समर्पण शील स्वयंसेवको की साधना के कारण आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपनी शताब्दी वर्ष मना रहा है। समाज में संघ को जो मान्यता मिली है उसके पीछे स्वयंसेवकों की तपस्या और कठोर साधना है। इस साधना के कारण ही समाज में हिंदुत्व का ज्वार दिखाई दे रहा है। उक्त विचार राष्ट्र सेविका समिति की अखिल भारतीय सहकार्यवाहिका अलका ताई ने शनिवार को माघ मेला स्थित परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्ष की यात्रा प्रदर्शनी के उद्घाटन अवसर पर व्यक्त किया।
उन्होंने शंखध्वनि तथा वैदिक स्वस्ति वाचन के बीच दीप प्रज्ज्वलित कर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। प्रांत संघ चालक अंगराज प्रांत प्रचारक रमेश तथा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान ने उनका साथ दिया। सभी अतिथियों ने प्रदर्शनी के चारों कक्षों में पहुंच कर प्रदर्शनी का गहन अवलोकन किया।
कर्नाटक के धारवाड़ से यहां आईं अलका ताई ने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे आज की अनुकूल परिस्थितियां देखकर तनिक भी शिथिल न पड़ें बल्की दुगुने उत्साह से परम वैभव के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रयास जारी रखें। लक्ष्य प्राप्ति के लिए और अधिक परिश्रम की आवश्यकता है।अभी काम बहुत बाकी है।हर क्षेत्र में संघ की विचारधारा को लेकर जाना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को याद दिलाया कि वरिष्ठ प्रचारक यादव राव जोशी जब कर्नाटक में प्रचारक बन करके गए तो उन्हें कन्नड़ भाषा नहीं आती थी। एकदम अपरिचित परिवार में जाकर विपरीत परिस्थितियों में उन्होंने आत्मीयता स्थापित की तथा संगठन की नींव मजबूत कर कार्यक्षेत्र में विस्तार किया.।
मुंबई से आए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान ने कहा कि जब पूरे विश्व में उपनिवेशवादी शक्तियां हावी थीं, पश्चिम की औद्योगिक क्रांति का दौर चल रहा था, ऐसे परिवेश में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉक्टर हेडगेवारजी ने भारत को भारत के रास्ते से चलने का मार्ग खोजा। उन्होंने एक साथ देश को स्वाधीन कराने तथा देश फिर से गुलाम न होने पाए इसके लिए चिंतन किया तथा समाज की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का यत्न किया। राष्ट्रीय कांग्रेस के नागपुर अधिवेशन में 1920 में सम्पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव उन्होंने रखा।
विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री ने याद दिलाया कि एक दौर वह था जब नारा लगवाया जाता था कि गर्व से कहो हम हिंदू हैं, लेकिन आज युवा पीढ़ी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर स्वयं लिख रही है कि हिंदू होने पर हमें गर्व है। उन्होंने कहा कि पंच परिवर्तन के विषय पर संघ जो आज बोल रहा है वही पूरा समाज बोलने लगे यही संघ का लक्ष्य है। कार्यक्रम का संचालन विभाग कार्यवाह प्रोफेसर संजय ने किया।
इस अवसर पर राष्ट्र सेविका समिति की क्षेत्र प्रचारिका शशि बहन विद्यार्थी परिषद के प्रांत संगठन मंत्री अभिलाष, संघ के सह प्रांत कार्यवाह प्रो राज बिहारी विभाग प्रचारक सुबन्धु, घनश्याम प्रांत प्रचार प्रमुख डॉ मुरारजी त्रिपाठी उत्तर के भाग प्रचारक शिव प्रताप दक्षिण के देवदत्त प्रांत कार्यकारिणी सदस्य नागेंद्र सह विभाग कार्यवाह आशीष, मनोज ,वीरकृष्ण ,अवधेश समेत बड़ी संख्या में जिले भर के कार्यकर्ता उपस्थित थे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल

