लोहिया ट्रस्ट से शिवपाल की छुट्टी, अखिलेश बने अध्यक्ष, भाजपा ने कहा सपा में फिर होगा बवाल
लखनऊ, 14 सितंबर (हि.स.)। समाजवादी पार्टी के भीतर एक बार फिर पुरानी सियासी खींचतान की सुगबुगाहट तेज हो गई है। डॉ. राम मनोहर लोहिया ट्रस्ट के अध्यक्ष पद से शिवपाल सिंह यादव को हटाकर अब सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने खुद कमान संभाल ली है। इस बड़े संगठनात्मक बदलाव के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने इस पर चुटकी लेते हुए दावा किया है कि समाजवादी पार्टी में एक बार फिर पारिवारिक कलह की शुरुआत होने वाली है।
लोहिया ट्रस्ट में हुए इस फेरबदल पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने सपा नेतृत्व को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, डॉ. राम मनोहर लोहिया कभी भी परिवारवादी राजनीति के समर्थक नहीं रहे। लेकिन समाजवादी पार्टी ने लोहिया के नाम पर बने इस ट्रस्ट को पूरी तरह से परिवार का अड्डा बना दिया है। यह डॉ. लोहिया के विचारों का घोर अपमान है।
राकेश त्रिपाठी ने आगे कहा कि अखिलेश यादव ने एक बार फिर अपने चाचा शिवपाल यादव को किनारे लगाकर पूरी कमान अपने हाथ में ले ली है। उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम ने लगभग एक दशक पहले, यानी साल 2017 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले समाजवादी कुनबे के भीतर मचे उस ऐतिहासिक घमासान और द्वंद्व की यादें ताजा कर दी हैं, जिसने पार्टी को भारी राजनीतिक नुकसान पहुंचाया था।
भाजपा प्रवक्ता के मुताबिक, इस कदम से साफ है कि सपा के भीतर अंदरूनी कलह और बवाल का नया अध्याय जल्द ही देखने को मिल सकता है। हालांकि, इस पूरे मामले पर अभी तक समाजवादी पार्टी या शिवपाल यादव की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

