हत्या समेत विभिन्न धाराओं में चार अभियुक्तों को आजीवन कारावास
देवरिया, 27 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के देवरिया के जनपद एवं सत्र न्यायाधीश न्यायाधीश धनेन्द्र प्रताप सिंह ने हत्या एवं हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में दोष सिद्ध होने पर चार अभियुक्तों को आजीवन कारावास सहित अन्य सजाओं से दंडित का फैसला सुनाया है। यह फैसला “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत देवरिया पुलिस की प्रभावी पैरवी का परिणाम माना जा रहा है।
डीजीसी राजेश कुमार मिश्रा ने बुधवार काे बताया कि थाना रामपुर कारखाना पर पंजीकृत मु0अ0सं0-470/2005 धारा 147, 148, 307, 323, 504, 506, 34 एवं 302 भादवि से संबंधित मामले में न्यायालय ने अभियुक्त ओमप्रकाश दूबे पुत्र दयानन्द दूबे, अर्जुन दूबे पुत्र दयानन्द दूबे, उमेश दूबे पुत्र दयानन्द दूबे तथा राजू दूबे पुत्र ओमप्रकाश निवासी रामपुर दूबे थाना रामपुर कारखाना जनपद देवरिया को दोषी करार दिया।
उन्होंने बताया कि न्यायालय ने अभियुक्त ओमप्रकाश दूबे को धारा 148 आईपीसी में एक वर्ष कारावास, धारा 302 आईपीसी में आजीवन कारावास एवं 5000 रुपए अर्थदंड, धारा 307/149 आईपीसी में सात वर्ष सश्रम कारावास एवं 5000 रुपए अर्थदंड, धारा 325/149 आईपीसी में तीन वर्ष कारावास एवं 3000 रुपए अर्थदंड तथा धारा 323/149 आईपीसी में छह माह कारावास की सजा सुनाई। इसके अतिरिक्त शस्त्र अधिनियम की धारा 4/25/27 के तहत एक वर्ष के कारावास से भी दंडित किया गया।
उन्होंने बताया कि वहीं अभियुक्त उमेश दूबे एवं राजू दूबे को धारा 147 आईपीसी में एक-एक वर्ष कारावास, धारा 302/149 आईपीसी में आजीवन कारावास एवं 5000- 5000 रुपए अर्थदंड, धारा 307/149 आईपीसी में सात-सात वर्ष सश्रम कारावास एवं 5000- 5000 रुपए अर्थदंड, धारा 325/149 आईपीसी में तीन-तीन वर्ष कारावास एवं ₹3000-₹3000 अर्थदंड तथा धारा 323/149 आईपीसी में छह-छह माह कारावास की सजा सुनाई गई।
उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त अभियुक्त अर्जुन दूबे को धारा 148 आईपीसी में एक वर्ष कारावास, धारा 302/149 आईपीसी में आजीवन कारावास एवं ₹5000 अर्थदंड, धारा 307/149 आईपीसी में सात वर्ष सश्रम कारावास एवं 5000 रुपए अर्थदंड, धारा 325/149 आईपीसी में तीन वर्ष कारावास एवं 3000 रुपए अर्थदंड तथा धारा 323/149 आईपीसी में छह माह कारावास से दंडित किया गया।
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से डीजीसी राजेश कुमार मिश्रा ने प्रभावी पैरवी की। वहीं मॉनीटरिंग सेल प्रभारी दुर्गेश कुमार सिंह, विवेचक एवं तत्कालीन थानाध्यक्ष नसीम खां, कोर्ट मोहर्रिर उपनिरीक्षक संतोष कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल छोटेलाल यादव तथा पैरोकार कांस्टेबल सर्वेश कुशवाहा का सराहनीय योगदान रहा।
हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक

