पुस्तकालय ही विद्यार्थियों का सच्चा मार्गदर्शक : जस्टिस आर. के. अग्रवाल

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पुस्तकालय ही विद्यार्थियों का सच्चा मार्गदर्शक : जस्टिस आर. के. अग्रवाल


पुस्तकालय ही विद्यार्थियों का सच्चा मार्गदर्शक : जस्टिस आर. के. अग्रवाल


पुस्तकालय ही विद्यार्थियों का सच्चा मार्गदर्शक : जस्टिस आर. के. अग्रवाल


जौनपुर, 25 अप्रैल (हि.स.)। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी विधि संस्थान में शनिवार को ‘एस.पी. गुप्ता स्मृति विधि पुस्तकालय’ का लोकार्पण गरिमामय वातावरण में हुआ। मुख्य अतिथि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस आर. के. अग्रवाल ने फीता काटकर पुस्तकालय का उद्घाटन किया।

आर्यभट्ट सभागार में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए जस्टिस अग्रवाल ने कहा कि विधि शिक्षा के सुदृढ़ीकरण में आधुनिक पुस्तकालयों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को पुस्तकों के माध्यम से निरंतर अध्ययन करते हुए अपने ज्ञान का पुनरावलोकन और सुधार (रीड एंड रिपेयर) करते रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यह केवल एक पुस्तकालय नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के लिए एक सच्चा मार्गदर्शक सिद्ध होगा। इस दौरान उन्होंने स्वर्गीय एस.पी. गुप्ता को एक समर्पित अधिवक्ता बताते हुए उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि यह पुस्तकालय विश्वविद्यालय के लिए किसी आशीर्वाद से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि न्यास द्वारा दी गई सामग्री को विश्वविद्यालय सहेजकर रखेगा और विद्यार्थी इसका अधिकतम लाभ उठाएंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल विश्वविद्यालय में शोध एवं अध्ययन की संस्कृति को और सुदृढ़ करेगी।

न्यास की ओर से डॉ. अरुणिमा परोलिया ने कहा कि उन्होंने अपने पिता स्वर्गीय एस.पी. गुप्ता की स्मृतियों और उनकी विरासत को विश्वविद्यालय को समर्पित किया है, ताकि आने वाली पीढ़ियां इससे प्रेरणा ले सकें। उन्होंने कहा कि उनके पिता का मानना था कि कानून केवल एक पेशा नहीं, बल्कि सम्मान और जिम्मेदारी का विषय है।

पुस्तकालय को लगभग 6000 विधि पुस्तकों के साथ स्टील, लकड़ी एवं कांच की अलमारियां, बाउंड लीगल नोट्स तथा एक विशेष स्मृति कांच डिस्प्ले कैबिनेट प्रदान किया गया है, जिसमें स्व. गुप्ता के व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुएं जैसे घड़ी, चश्मा, पेन, पोर्ट्रेट, कोर्ट ड्रेस एवं पीएचडी डिग्री सुरक्षित रखी गई हैं। इसके अतिरिक्त 10 कम्प्यूटर सेट, 10 टेबल, 10 कुर्सियां एवं अन्य तकनीकी उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे छात्रों एवं शोधार्थियों को आधुनिक अध्ययन सुविधाएं मिल सकें।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनुराग मिश्र ने किया, जबकि स्वागत भाषण संस्थान के निदेशक प्रो. विनोद कुमार ने प्रस्तुत किया। अंत में सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल अग्रवाल, वित्त अधिकारी आत्मधर प्रकाश द्विवेदी, कुलसचिव केशलाल, परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह, प्रो. अविनाश सिंह, प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. रजनीश भास्कर, प्रो. प्रमोद यादव, प्रो. मनोज मिश्र, प्रो. देवराज सिंह, प्रो. राजकुमार सोनी, डॉ. वनिता सिंह, डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. राहुल राय, डॉ. राजित सोनकर, डॉ. दिनेश कुमार, डॉ. मंगला प्रसाद यादव, डॉ. इंद्रजीत सिंह, डॉ. अंकित कुमार, डॉ. प्रमोद कुमार, डॉ. शुभम सिंह, डॉ. आश्रया दुबे, डॉ. विपिन कुमार सिंह, योगेश कुमार, रविकेश कुमार मौर्य एवं प्रकाश यादव सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव

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