लखनऊ लाठीचार्ज के विरोध में अधिवक्ताओं का प्रदर्शन, माफी की मांग
कानपुर, 18 मई (हि.स.)। लखनऊ में अधिवक्ताओं के साथ हुई कार्रवाई और लाठीचार्ज बेहद निंदनीय है। अधिवक्ता भीषण गर्मी, बारिश और सर्दी में लोगों को न्याय दिलाने के लिए लगातार संघर्ष करते हैं, लेकिन सरकार उनके साथ दमनात्मक व्यवहार कर रही है। यदि अधिवक्ताओं के हितों की लगातार अनदेखी की गई तो वर्ष 2027 के चुनाव में अधिवक्ता इस सरकार को उखाड़ फेंकने का काम करेंगे। यह बातें कानपुर बार एसोसिएशन के महामंत्री विनय कुमार मिश्रा ने सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान कही।
लखनऊ में अधिवक्ताओं पर हुए लाठीचार्ज और अतिक्रमण कार्रवाई के विरोध में कानपुर के सैकड़ों अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेंद्र कुमार अवस्थी और महामंत्री विनय कुमार मिश्रा के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पत्र सौंपा।
प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार को लखनऊ में अधिवक्ताओं के साथ हुए दंडात्मक कृत्य के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। साथ ही जिन अधिवक्ताओं को नुकसान हुआ है, उनकी भरपाई भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
अधिवक्ताओं ने प्रदेश के सभी कचहरी परिसरों में बैठने की समुचित व्यवस्था करने की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि अधिवक्ता न्यायालयों में आने वाले लोगों को न्याय दिलाने के लिए घंटों मेहनत करते हैं, लेकिन कई स्थानों पर मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है।
प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

