दुर्लभ पुस्तकों का अद्भुत संग्रहालय है लाला लाजपतराय साहित्य सदन

दुर्लभ पुस्तकों का अद्भुत संग्रहालय है लाला लाजपतराय साहित्य सदन
दुर्लभ पुस्तकों का अद्भुत संग्रहालय है लाला लाजपतराय साहित्य सदन


मीरजापुर, 16 मई (हि.स.)। महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, अमर बलिदानी सुखदेव थापर की जन्म जयंती के अवसर पर गुरुवार को रोटरी क्लब विंध्याचल ने नगर के सबसे प्राचीन पुस्तकालय लाला लाजपत राय साहित्य सदन,नारघाट में पाठकों एवं छात्र-छात्राओं को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वॉटर प्यूरीफायर की स्थापना की।

रोटरी क्लब विंध्याचल के अध्यक्ष सुशील झुनझुनवाला ने बताया कि यह पुस्तकालय हमारी संस्कृति और साहित्य को संजोए हुए एक अमूल्य धरोहर है। इसको संरक्षित एवं सुरक्षित रखने की आवश्कता है। इस पुस्तकालय में अत्यन्त पुराने दुर्लभ पुस्तकों का अद्भुत संग्रह है जिससे युवा पीढ़ी को भी बहुत कुछ सीखने को मिलेगा।

पुस्तकालयाध्यक्ष वीरेश त्रिपाठी ने बताया कि पुस्तकालय में हिन्दी, संस्कृत, उर्दू एवं बंगला साहित्य की लगभग 35 हजार से अधिक किताबें उपलब्ध हैं। 1928 में लाला लाजपत राय साहित्य सदन की स्थापना बटुकनाथ अग्रवाल ने की थी,जो आज डिजिटल लाइब्रेरी का रूप ले चुकी है।

इस दौरान क्लब के सचिव उदय गुप्ता,संजय सिंह गहरवार,मयंक गुप्ता,रोहित श्रीवास्तव, मुकेश जायसवाल, रवि कुमार आदि मौजूद थे।

हिन्दुस्थान समाचार/गिरजा शंकर/राजेश

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