रामलीला में लक्ष्मण शक्ति का मंचन, संजीवनी लेकर पहुंचे हनुमान तो गूंजे जय श्रीराम के जयकारे
जौनपुर, 19 अक्टूबर (हि.स.)। यूपी के जौनपुर में हुसेनाबाद की ऐतिहासिक रामलीला में अंगद-रावण संवाद, लक्ष्मण शक्ति और संजीवनी बूटी लाने के प्रसंगों का भावपूर्ण मंचन किया गया। कलाकारों के सजीव अभिनय ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। लक्ष्मण के मूर्छित होने पर श्रीराम की व्याकुलता और हनुमान के संजीवनी लेकर पहुंचने के दृश्य पर रामलीला स्थल जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
मंचन के दौरान श्रीराम के दूत बनकर लंका पहुंचे अंगद ने रावण को माता सीता को सम्मानपूर्वक लौटाने और युद्ध से बचने की सलाह दी। उन्होंने रावण को उसके अहंकार के परिणामों से आगाह किया। रावण अपनी जिद पर अड़ा रहा। दोनों के बीच तीखे संवादों ने दर्शकों में उत्सुकता पैदा की।
इसके बाद युद्ध में मेघनाद की शक्ति लगने से लक्ष्मण मूर्छित हो गए। भाई की दशा देखकर श्रीराम व्याकुल हो उठे। लक्ष्मण के उपचार के लिए वैद्य सुषेण को बुलाने और उनके परामर्श पर संजीवनी बूटी लाने का प्रसंग प्रस्तुत किया गया। हनुमान के संजीवनी लेकर पहुंचने और लक्ष्मण के स्वस्थ होने पर दर्शकों ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए।
राम की भूमिका दीपक श्रीवास्तव, लक्ष्मण की शिवा श्रीवास्तव, अंगद की गुंजन श्रीवास्तव, राजकुमार की अरविंद मिश्रा, रावण की अभिनव मिश्रा, हनुमान की मोलू सोनकर, विभीषण की अंकित रावत और वैद्य सुषेण की भूमिका चंदन गौड़ ने निभाई।
हुसेनाबाद की रामलीला क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके माध्यम से दर्शकों को भक्ति, त्याग और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया जा रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव

