कानपुर के हर ब्लॉक में खुलेंगे कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय : डीएम
कानपुर, 13 जून (हि.स.)। बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जनपद के सभी विकासखंडों में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए भूमि चिन्हांकन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है और अधिकारियों को जल्द प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। यह बातें शनिवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहीं।
जिलाधिकारी ने आज विकासखंड पतारा के ग्राम हथेही में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की स्थापना के लिए प्रस्तावित भूमि का जायजा लिया। उन्होंने भूमि की स्थिति, पहुंच मार्ग और अन्य आवश्यक मानकों का परीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
शासन के निर्देशानुसार जनपद के जिन विकासखंडों में वर्तमान में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय संचालित नहीं हैं, वहां नए विद्यालय स्थापित किए जाएंगे। कानपुर नगर में अभी एक भी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय संचालित नहीं है। ऐसे में भीतरगांव, बिधनू, बिल्हौर, चौबेपुर, घाटमपुर, ककवन, कल्याणपुर, पतारा, शिवराजपुर, सरसौल तथा नगर क्षेत्र में कक्षा छह से बारह तक की छात्राओं के लिए आवासीय विद्यालय खोले जाने प्रस्तावित हैं।
जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि अपने-अपने क्षेत्रों में विद्यालय स्थापना के लिए तीन एकड़ निर्विवादित भूमि का शीघ्र चिन्हांकन कर प्रस्ताव उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि भूमि ऐसी हो जहां सुगम पहुंच मार्ग उपलब्ध हो, हाईटेंशन विद्युत लाइन न हो तथा भूमि यथासंभव समतल हो। प्राथमिकता परिषदीय, राजकीय अथवा डायट परिसरों में उपलब्ध भूमि को दी जाएगी।
डीएम ने कहा कि कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बालिका शिक्षा को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इन विद्यालयों में छात्राओं को निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आवास, भोजन, पुस्तकें, यूनिफॉर्म तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों तथा शिक्षा से वंचित होने की आशंका वाली बालिकाओं को लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि आवासीय विद्यालय खुलने से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों की बालिकाओं को शिक्षा प्राप्त करने के लिए दूरस्थ स्थानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। सुरक्षित आवासीय वातावरण, नियमित अध्ययन और शैक्षणिक संसाधनों की उपलब्धता से बालिकाओं के बीच विद्यालय छोड़ने की प्रवृत्ति में कमी आएगी तथा उच्च कक्षाओं में नामांकन बढ़ेगा। यह पहल बालिका शिक्षा को सशक्त बनाने के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम घाटमपुर अबिचल प्रताप सिंह, तहसीलदार अंकिता पाठक सहित विभिन्न अधिकारी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

