मेट्रो का शेष सेक्शन सुरक्षा के सभी प्रमुख परीक्षणों में सफल रहा, शहर को जल्द मिलेगा पूरा कॉरिडोर : सुशील कुमार
कानपुर, 28 जून (हि.स.)। हाई स्पीड रन, सिग्नलिंग और इंटीग्रेटेड टेस्टिंग सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है। शहर के सबसे व्यस्त मार्ग पर तैयार यह मेट्रो कॉरिडोर भविष्य में सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करेगा। यह बातें रविवार को उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहीं।
कानपुर मेट्रो कॉरिडोर-1 के शेष सेक्शन कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक मेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) नीलाभ्र सेनगुप्ता और उनकी पांच सदस्यीय टीम का निरीक्षण दूसरे दिन भी जारी रहा। निरीक्षण के दौरान स्टेशन, ट्रैक, सिग्नलिंग प्रणाली और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं की व्यापक जांच की गई। अधिकांश महत्वपूर्ण परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे होने के साथ निरीक्षण प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है।
सीएमआरएस ने नवीन मार्केट स्टेशन से मेट्रो ट्रेन के जरिए निरीक्षण शुरू किया और नौबस्ता तक पहुंचे। इसके बाद मोटर ट्रॉली से नौबस्ता से कानपुर सेंट्रल तक अप लाइन का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान नौबस्ता, बौद्ध नगर, वसंत विहार, किदवई नगर, बारादेवी, ट्रांसपोर्ट नगर और झकरकटी स्टेशनों पर यात्री सुरक्षा, स्टेशन कंट्रोल रूम, फायर अलार्म सिस्टम, एस्केलेटर, लिफ्ट और अन्य सुविधाओं का परीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान आईआईटी से नौबस्ता तक पूरे कॉरिडोर-1 की फाइनल इंटीग्रेटेड टेस्टिंग भी सफल रही। इसमें सिग्नलिंग, दूरसंचार, बिजली आपूर्ति, ट्रैक और ट्रेन संचालन से जुड़ी सभी प्रणालियों का संयुक्त परीक्षण किया गया।
सिग्नलिंग प्रणाली की जांच के तहत ऑटोमेटिक ट्रेन ऑपरेशन (एटीओ) और कम्युनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल (सीबीटीसी) प्रणाली का परीक्षण किया गया। कॉलिजन टेस्ट के दौरान दो ट्रेनों को आमने-सामने लाकर कृत्रिम स्थिति बनाई गई, जिसमें निर्धारित दूरी पर ट्रेनें स्वतः रुक गईं और सुरक्षा प्रणाली पूरी तरह सफल रही।
इसके अलावा मेट्रो ट्रेन को 80 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति पर चलाकर हाई-स्पीड रन, स्पीड और ब्रेकिंग टेस्ट भी किया गया। सभी परीक्षण सफल रहने के बाद यूपीएमआरसी ने बताया कि सोमवार से कानपुर मेट्रो की सेवाएं पूर्व निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार संचालित होंगी।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

