कानपुर मेट्रो टेस्ट रन की शुरुआत, शहर के लिए स्वर्णिम दिन : सुशील कुमार
कानपुर, 04 फरवरी (हि.स.)। कानपुर मेट्रो ने निर्माण के दौरान अनेक चुनौतियों को पार करते हुए शहर के इतिहास में एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। आज टेस्ट रन की शुरुआत एक स्वर्णिम दिन है। टेस्टिंग प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय टीमों द्वारा जांच की जाएगी। तथा मेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त से अनुमोदन प्राप्त होने के बाद इसे यात्रियों के लिए खोल दिया जाएगा। यह बातें बुधवार को यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कही।
कानपुर मेट्रो ने आज एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया। मेट्रो ट्रेन ने पहली बार टेस्ट रन के दौरान अप-लाइन पर कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता स्टेशन तक सफलतापूर्वक यात्रा पूरी की। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीएमआरसी) के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार, निदेशक (वर्क्स एंड इंफ्रास्ट्रक्चर) सी.पी. सिंह, निदेशक (परिचालन) प्रशांत मिश्रा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इस उपलब्धि के साथ ही कॉरिडोर-1 के शेष सेक्शन, कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक यात्री सेवा के विस्तार की तैयारियां तेज हो गई हैं। आने वाले दिनों में इस रूट की अप-लाइन पर नियमित टेस्टिंग प्रक्रियाएं की जाएंगी। साथ ही सभी स्टेशनों पर शेष निर्माण कार्य भी तेजी से पूरे किए जा रहे हैं।
कॉरिडोर-1 के अंतर्गत वर्तमान में आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक संचालित मेट्रो सेवा शीघ्र ही अपने अंतिम स्टेशन नौबस्ता तक विस्तारित होगी। इस सेक्शन में दो अंडरग्राउंड स्टेशन—झकरकटी और ट्रांसपोर्ट नगर—तथा पांच एलिवेटेड स्टेशन—बारादेवी, किदवई नगर, बसंत विहार, बौद्ध नगर और नौबस्ता—शामिल हैं। टेस्टिंग प्रक्रिया के दौरान मेट्रो प्रणाली और नवनिर्मित सेक्शन की यात्री सुरक्षा के दृष्टिगत गहन जांच की जाती है।
हाल ही में ट्रैक, थर्ड रेल सिस्टम और सिग्नलिंग के कार्य पूर्ण होने के बाद मेट्रो ट्रेन को टेस्ट रन के लिए नौबस्ता तक ले जाया गया। इस दौरान ट्रेन को मैनुअल मोड में पांच किमी प्रति घंटा की कम गति से चलाया गया और ट्रैक, पावर सप्लाई व अन्य तकनीकी इंटरफेसों की जांच की गई। आगामी चरणों में ट्रेन को एटीपी और एटीओ मोड में भी चलाया जाएगा, जिसके बाद हाई-स्पीड टेस्ट किए जाएंगे।
कानपुर मेट्रो ने भारतीय रेलवे के साथ इंटीग्रेशन कर मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट की दिशा में भी अहम पहल की है। कॉरिडोर-1 के साथ-साथ कॉरिडोर-2 (सीएसए से बर्रा-8) का निर्माण कार्य भी तेजी से प्रगति पर है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

