कानपुर का जिला पुस्तकालय बना युवाओं का ‘नॉलेज हब’

WhatsApp Channel Join Now
कानपुर का जिला पुस्तकालय बना युवाओं का ‘नॉलेज हब’


- योगी सरकार ने जिला पुस्तकालय को बनाया हाईटेक नॉलेज हब, डिजिटल सुविधाओं से संवर रहा युवाओं का भविष्य- 67 हजार किताबें, करीब 400 विद्यार्थी हैं सक्रिय सदस्य - यूपीएससी, पीसीएस, एसएससी से लेकर पुलिस और बैंकिंग तक की तैयारी- करियर काउंसिलिंग और तनाव प्रबंधन के लिए हर महीने बुलाए जाते हैं विशेषज्ञ

कानपुर, 08 अगस्त (हि.स.)। युवाओं को बेहतर शैक्षिक माहौल और आधुनिक अध्ययन के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने की योगी सरकार की पहल कानपुर नगर के राजकीय जिला पुस्तकालय में दिखाई दे रही है। पुस्तकालय में करीब 67 हजार किताबों के साथ ऑनलाइन अध्ययन सामग्री, ई-बुक्स, इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध है। यहां करीब 400 विद्यार्थी सक्रिय सदस्य हैं। स्टूडेंट्स यहां आकर नियमित रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।

यूपीएससी, यूपीपीएससी, एसएससी, पुलिस और बैंकिंग सहित विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को एक ही जगह पर किताबों के साथ डिजिटल संसाधन भी मिल रहे हैं। इतना ही नहीं, विद्यार्थियों को परीक्षा के तनाव से निपटने और सही करियर चुनने में मदद के लिए हर महीने विशेषज्ञों को बुलाकर काउंसिलिंग भी कराई जाती है।

67 हजार से ज्यादा किताबों का संग्रह

जिला पुस्तकालय में प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी किताबों के अलावा अलग-अलग विषयों की पुस्तकें, साहित्य, इतिहास, सामान्य ज्ञान और समाचार पत्र उपलब्ध हैं। भारतीय ज्ञान परंपरा और संस्कृति से जुड़ी पुस्तकों का भी यहां अच्छा संग्रह है। चारों वेदों के साथ वेद-पुराण की पुस्तकें भी पाठकों के लिए मौजूद हैं। विद्यार्थी और आम पाठक अपनी रुचि के अनुसार इन पुस्तकों का अध्ययन करते हैं।

ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा

पुस्तकालय में किताबों के साथ डिजिटल अध्ययन की सुविधा भी उपलब्ध है। वाई-फाई के जरिए विद्यार्थी ऑनलाइन अध्ययन सामग्री का इस्तेमाल कर सकते हैं। उत्तर प्रदेश सार्वजनिक पुस्तकालय विभाग की वेबसाइट www.library.up.gov.in पर विभिन्न विषयों की ई-बुक्स और डिजिटल अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध है। इससे विद्यार्थियों को ऑफलाइन किताबों के साथ ऑनलाइन सामग्री से भी तैयारी करने का विकल्प मिल रहा है।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अच्छा माहौल

पुस्तकालय में विद्यार्थी नियमित रूप से पढ़ाई करने आते हैं। इनमें कोई सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहा है तो कोई एसएससी, पुलिस और बैंकिंग परीक्षाओं की। शांत और सुविधाजनक माहौल के साथ अध्ययन सामग्री उपलब्ध होने से युवाओं को तैयारी में सहूलियत मिल रही है।

ग्वालटोली निवासी शिवम कुशवाहा पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि पुस्तकालय में पढ़ाई के लिए अच्छा माहौल है और परीक्षा से संबंधित किताबें भी आसानी से मिल जाती हैं।

प्रबल यादव एसएससी सीजीएल की तैयारी कर रहे हैं। उनके मुताबिक किताबों के साथ इंटरनेट की सुविधा होने से ऑनलाइन अध्ययन सामग्री भी आसानी से देख सकते हैं।

आराध्या सविता सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रही हैं। वह नियमित रूप से पुस्तकालय आकर पढ़ाई करती हैं और यहां के शांत माहौल को तैयारी के लिए उपयोगी मानती हैं।

गुमटी निवासी स्वाति श्रीवास्तव भी सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रही हैं। उनके अनुसार एक ही जगह किताबों और डिजिटल संसाधनों की सुविधा मिलने से पढ़ाई करना आसान हुआ है।

तनाव प्रबंधन और करियर काउंसिलिंग भी

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ मानसिक तनाव और करियर को लेकर भी कई तरह की चुनौतियां रहती हैं। इसे ध्यान में रखते हुए पुस्तकालय में हर महीने विशेषज्ञों को बुलाया जाता है। विशेषज्ञ विद्यार्थियों को तनाव प्रबंधन, समय प्रबंधन और करियर से जुड़े जरूरी सुझाव देते हैं। इससे विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी के साथ मानसिक रूप से तैयार रहने में भी मदद मिलती है।

डिजिटल भुगतान से आसान हुई सदस्यता की प्रक्रिया

राजकीय जिला पुस्तकालयों को अधिक आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए शासन स्तर से डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है। शासन के निर्देशों के तहत सदस्यता शुल्क, जमानत राशि और अन्य शुल्क का भुगतान क्यूआर कोड के माध्यम से कैशलेस करने की व्यवस्था पर जोर दिया गया है। जिला पुस्तकालय में भी डिजिटल भुगतान की सुविधा उपलब्ध है।

राजकीय जिला पुस्तकालय प्रभारी प्रशांत कुमार द्विवेदी ने शनिवार को बताया कि पुस्तकालय की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इससे जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। ऑफलाइन पुस्तकों के साथ डिजिटल अध्ययन सामग्री उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर विकल्प मिल रहे हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

Share this story