यूपी में दिव्यांग सशक्तिकरण की नई पहचान बना कानपुर नगर, फिर प्रदेश में नंबर-1
- यूडीआईडी कार्ड बनाने में कानपुर सबसे आगे, विशेष शिविरों और प्रशासनिक निगरानी से मिली बड़ी सफलता- कानपुर नगर में 49,174 यूनिक डिसएबिलिटी आईडी कार्ड जारी
कानपुर, 11 जुलाई (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं का लाभ तेजी से और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने की दिशा में कानपुर नगर ने एक बार फिर प्रदेश में अपनी अलग पहचान बनाई है। यूनिक डिसएबिलिटी आईडी कार्ड बनाने में कानपुर नगर उत्तर प्रदेश में पहले स्थान पर पहुंच गया है। कानपुर नगर जिले में अब तक 49,174 यूडीआईडी कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जो प्रदेश के सभी जिलों में सर्वाधिक हैं।
पूरे प्रदेश की बात करें तो अब तक 17,23,472 दिव्यांगजनों को यूडीआईडी (स्वावलंबन) कार्ड जारी किए जा चुके हैं। वहीं कुल 20,60,672 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 2,20,152 आवेदन अस्वीकृत और 1,80,955 आवेदन विभिन्न स्तरों पर लंबित हैं।
प्रदेश के टॉप-5 जिलों की रैंकिंग
यूडीआईडी (स्वावलंबन) कार्ड जारी करने में प्रदेश स्तर पर कानपुर नगर ने 49,174 कार्ड के साथ पहला स्थान हासिल किया है। इसके बाद शाहजहांपुर 47,264 कार्ड के साथ दूसरे, हरदोई 43,929 कार्ड के साथ तीसरे, जौनपुर 40,851 कार्ड के साथ चौथे तथा आजमगढ़ 39,536 कार्ड के साथ पांचवें स्थान पर है।
दिव्यांजनों को कार्ड से विशेष सुविधा
यूडीआईडी कार्ड दिव्यांगजनों के लिए एक राष्ट्रीय पहचान पत्र है, जिसके माध्यम से उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं, छात्रवृत्ति, पेंशन, सहायक उपकरण, रोजगार, शिक्षा और अन्य सुविधाओं का लाभ आसानी से मिल पाता है। यही कारण है कि योगी सरकार ने इस अभियान को मिशन मोड में संचालित करते हुए प्रत्येक पात्र दिव्यांग तक यह सुविधा पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है।
विशेष शिविरों से हर पात्र को लाभ
कानपुर नगर में इस अभियान की सफलता के पीछे जिला प्रशासन की सक्रिय रणनीति और लगातार चलाए जा रहे विशेष शिविर अहम भूमिका निभा रहे हैं। संपूर्ण समाधान दिवस, तहसील परिसरों तथा अस्पतालों में नियमित शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में ऑनलाइन आवेदन, चिकित्सकीय परीक्षण, प्रमाणन और यूडीआईडी कार्ड की प्रक्रिया को एक ही स्थान पर पूरा कराया जा रहा है, जिससे दिव्यांगजनों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं।
इसके साथ ही प्रशासन द्वारा पात्र लाभार्थियों की पहचान, जागरूकता अभियान और विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया गया। यही वजह है कि कानपुर नगर लगातार अपनी बढ़त बनाए हुए है और प्रदेश में दिव्यांगजन सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक मॉडल जिले के रूप में उभरकर सामने आया है।
जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी विनय उत्तम ने शनिवार को बताया कि कानपुर नगर में यूडीआईडी कार्ड बनाने का अभियान लगातार तेज गति से चल रहा है। शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र दिव्यांगजन को स्वावलंबन (यूडीआईडी) कार्ड उपलब्ध कराने के लिए विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र दिव्यांग सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे और सभी को समयबद्ध तरीके से कार्ड उपलब्ध कराया जाए।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि दिव्यांगजनों को सम्मानपूर्वक और सरल तरीके से सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से जिले में विशेष शिविरों का नियमित आयोजन किया जा रहा है, ताकि आवेदन से लेकर प्रमाणन और यूडीआईडी कार्ड जारी होने तक की पूरी प्रक्रिया एक ही स्थान पर पूरी हो सके। आगे भी अभियान को और प्रभावी बनाकर प्रत्येक पात्र दिव्यांगजन तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

