एक ही मुद्रा में न बैठकर पत्रकाराें काे चलते-फिरते रहना चाहिए : डॉ. रविंद्र ओझा

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एक ही मुद्रा में न बैठकर पत्रकाराें काे चलते-फिरते रहना चाहिए : डॉ. रविंद्र ओझा


गोरखपुर, 08 सितंबर (हि.स.)। विश्व फिजियोथैरेपी दिवस के अवसर पर गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब और जिला चिकित्सालय के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को प्रेस क्लब सभागार में नि:शुल्क बीएमडी जांच एवं फिजियोथैरेपी स्वास्थ्य शिविर का आयोजन हुआ। शिविर में बड़ी संख्या में पत्रकारों और प्रेस क्लब से जुड़े लोगों ने पहुंचकर हड्डियों की मजबूती की जांच कराई और फिजियोथैरेपिस्ट से विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर परामर्श लिया। व्यस्त दिनचर्या के बीच आयोजित इस शिविर में पत्रकारों में खासा उत्साह देखने को मिला।

शिविर का शुभारंभ जिला चिकित्सालय के प्रमुख अधीक्षक डॉ. आरडी रमन और प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष रीतेश मिश्रा ने फीता काटकर किया। उद्घाटन के अवसर पर प्रेस क्लब के वरिष्ठ पत्रकारों ने प्रमुख अधीक्षक को बुके देकर स्वागत किया। कार्यक्रम में जिला अस्पताल के पूर्व प्रमुख अधीक्षक डॉ. राजेंद्र ठाकुर भी विशेष रूप से मौजूद रहे।

इस अवसर पर डॉ. राजेंद्र ठाकुर ने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और समय-समय पर जांच कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की कार्यशैली काफी व्यस्त होती है। समाचार संकलन, रिपोर्टिंग, डेस्क वर्क और लंबे समय तक बैठकर काम करने के कारण कई बार वे अपने स्वास्थ्य पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे पाते। ऐसे में समय-समय पर स्वास्थ्य जांच और चिकित्सकीय परामर्श बेहद जरूरी है। नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

शिविर का संचालन मुख्य रूप से फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. रविंद्र ओझा की देखरेख में किया गया। उनके साथ फिजियोथैरेपी विभाग के अन्य वरिष्ठ सहयोगी भी मौजूद रहे। शिविर के दौरान पत्रकारों और अन्य लोगों की बीएमडी जांच की गई। जांच के माध्यम से हड्डियों की मजबूती से संबंधित स्थिति की जानकारी दी गई। इसके साथ ही कमर, गर्दन, कंधे और मांसपेशियों में दर्द समेत फिजियोथैरेपी से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर चिकित्सकीय सलाह दी गई।

चिकित्सकों ने बताया कि लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठकर काम करने से गर्दन, कंधे, कमर और रीढ़ से संबंधित समस्याएं बढ़ सकती हैं। पत्रकारों को काम के दौरान सही मुद्रा अपनाने, बीच-बीच में उठकर चलने-फिरने, नियमित व्यायाम करने और पर्याप्त शारीरिक गतिविधि बनाए रखने की सलाह दी गई। इसके अलावा हड्डियों की मजबूती के लिए संतुलित खानपान और आवश्यकता के अनुसार चिकित्सकीय जांच कराने के महत्व की जानकारी भी दी गई।------------------------

हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

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