युवा शक्ति से राष्ट्र निर्माण की ओर बढ़ेगा भारत : विभाग प्रचारक

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युवा शक्ति से राष्ट्र निर्माण की ओर बढ़ेगा भारत : विभाग प्रचारक


बुवि में युवा सम्मेलन में स्वामी विवेकानंद, शिवाजी महाराज और भगवान श्रीराम के आदर्शों से युवाओं को राष्ट्रसेवा की प्रेरणा का आह्वान

झांसी, 24 अगस्त (हि.स.)। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के मानविकी एवं अनुप्रयुक्त सामाजिक विज्ञान संस्थान की ओर से युवा सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका, सामाजिक दायित्वों और देश के प्रति कर्तव्यबोध के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सहभागिता की। इस दौरान युवाओं की ऊर्जा, क्षमता और सकारात्मक सोच को राष्ट्र की प्रगति से जोड़ने पर विचार-विमर्श हुआ।

सम्मेलन के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के झांसी विभाग के विभाग प्रचारक मनोज ने कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति होते हैं। देश का भविष्य केवल नीतियों और व्यवस्थाओं से नहीं, बल्कि युवाओं के विचार, चरित्र, परिश्रम और संकल्प से तय होता है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा और आधुनिक तकनीक के ज्ञान के साथ अनुशासन, सेवा, संस्कार, आत्मविश्वास और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

उन्होंने स्वामी विवेकानंद के जीवन का उदाहरण देते हुए आत्मविश्वास, ज्ञान और राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा लेने की बात कही। सिख गुरुओं के जीवन से साहस, त्याग और सेवा की भावना सीखने तथा छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन से नेतृत्व क्षमता, संगठन शक्ति और राष्ट्रहित में दृढ़ संकल्प अपनाने का संदेश दिया। भगवान श्रीराम के युवावस्था के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए उन्होंने मर्यादा, कर्तव्यबोध, संयम और लोककल्याण को युवा जीवन का आदर्श बताया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. मुन्ना तिवारी ने की। उन्होंने कहा कि ऐसे सम्मेलन युवाओं को अपने दायित्व समझने और समाज के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का अवसर देते हैं। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र और समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक के रूप में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

अतिथियों का स्वागत डॉ. श्रीहरि त्रिपाठी एवं डॉ. बिपिन प्रसाद ने किया। कार्यक्रम में महानगर प्रचारक मयंक, महानगर विद्यार्थी प्रमुख अंकित, नगर विद्यार्थी प्रमुख शिवम, डॉ. आशीष दीक्षित, डॉ. रामनरेश देहूलिया, डॉ. कपिल शर्मा, डॉ. राघवेंद्र द्विवेदी, गरिमा, डॉ. रिचा सेंगर, डॉ. रेनू शर्मा, आशुतोष शर्मा, जोगिंदर, आकांक्षा सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी और युवा उपस्थित रहे। सम्मेलन का समापन राष्ट्र, समाज और संस्कृति के प्रति जिम्मेदारी के संकल्प के साथ हुआ।

हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया

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