1380 विद्यालयों में उत्सव की तरह हुई पीटीएम, अभिभावकों ने जाना बच्चों का सर्वांगीण विकास
झांसी, 16 अक्टूबर (हि.स.)। जिलाधिकारी गौरांग राठी की पहल पर शुक्रवार को जिले के 1380 परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों तथा कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में वृहद अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) का आयोजन उत्सव के रूप में किया गया। बैठक में अभिभावकों को बच्चों का पारंपरिक रिपोर्ट कार्ड के बजाय होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड (एचपीसी) उपलब्ध कराया गया।
पीटीएम में अभिभावकों ने शिक्षकों से बच्चों की शैक्षिक प्रगति, सीखने के स्तर और सुधार के क्षेत्रों की जानकारी ली। एचपीसी में भाषा, गणित और विज्ञान जैसे विषयों के साथ शारीरिक स्वास्थ्य, खेलकूद, अनुशासन, आत्मविश्वास, सहपाठियों के साथ व्यवहार, नैतिक मूल्यों तथा कला, संगीत और क्राफ्ट जैसी रचनात्मक गतिविधियों में सहभागिता का भी विवरण शामिल किया गया।
पीएम श्री विद्यालय दिगारा में आयोजित पीटीएम की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड ने की। उन्होंने बच्चों और अभिभावकों से वन-टू-वन संवाद कर उनकी मजबूती और सुधार के क्षेत्रों पर चर्चा की। नियमित उपस्थिति, घर पर पढ़ाई में सहयोग और मोबाइल से दूरी जैसे विषयों पर भी अभिभावकों से संवाद किया गया।
जिले के विद्यालयों में सुबह से ही अभिभावकों की उत्साहपूर्ण मौजूदगी रही। कई विद्यालयों में विद्यार्थियों के बनाए चार्ट, मॉडल और कलाकृतियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में बालिकाओं के अभिभावकों ने विशेष रुचि दिखाई।
सीडीओ ने कहा कि होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड का उद्देश्य केवल मूल्यांकन नहीं, बल्कि बच्चे को सही दिशा देना है। विद्यालय और अभिभावक मिलकर काम करेंगे तो बच्चों का बेहतर सर्वांगीण विकास संभव होगा।
रानी लक्ष्मीबाई प्राथमिक विद्यालय नगर क्षेत्र में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जितेंद्र गौड़ ने बताया कि पीटीएम से मिले फीडबैक के आधार पर बच्चों के लिए व्यक्तिगत सुधार योजना तैयार की जाएगी। इस दौरान उत्कृष्ट उपस्थिति और निपुण टेस्ट में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया

