निजी स्कूलों की मनमानी पर जिलाधिकारी की सख्ती

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निजी स्कूलों की मनमानी पर जिलाधिकारी की सख्ती


कहा- फीस किताबों और यूनिफॉर्म नियमों का कड़ाई से होगा पालन

झांसी, 20 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के झांसी जनपद में निजी विद्यालयों द्वारा मनमानी फीस वसूली और अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक दबाव बनाए जाने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी गौरांग राठी ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निजी विद्यालयों को उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम-2018 एवं संशोधन अधिनियम-2020 का अक्षरशः पालन करना होगा। नियमों की अवहेलना करने वाले विद्यालयों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षा का व्यवसायीकरण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। जिले के यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के हितों की रक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब कोई भी विद्यालय छात्रों को किसी विशेष दुकान से यूनिफॉर्म, किताबें या स्टेशनरी खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा। विद्यालयों को फीस, किताबों एवं यूनिफॉर्म की सूची उनकी कीमतों सहित वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर सार्वजनिक करनी होगी।

बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि छात्र अपने बड़े भाई-बहनों की पुरानी किताबों का उपयोग कर सकेंगे और विद्यालय उन्हें इसके लिए प्रोत्साहित करेंगे। यूनिफॉर्म में अनावश्यक बदलाव पर रोक लगाते हुए कहा गया कि पांच वर्ष से पहले यूनिफॉर्म नहीं बदली जाएगी।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) 2009 के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव न हो। साथ ही स्कूल बसों में सीसीटीवी कैमरे, मेडिकल किट और सड़क सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक से पूर्व जय अकैडमी के छात्र श्रेष्ठ भार्गव को वेद उच्चारण में विश्व कीर्तिमान स्थापित करने पर सम्मानित किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया

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