स्वाभिमान रैली में जयंत चौधरी का शक्ति प्रदर्शन; PDA पर तंज, बोले - “NDA का ‘N’ कभी नहीं बदलेगा”

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नशा मुक्ति के ख़िलाफ़ शुरू करेंगे नई मुहिम

3 सितम्बर, रामपुर मनिहारान, सहारनपुर : अखिल भारतीय गुर्जर विद्या प्रचारिणी सभा द्वारा आयोजित “स्वाभिमान रैली” में आज गोचर कृषि इंटर कॉलेज के मैदान पर हजारों की संख्या में लोग उमड़े। ढोल-नगाड़ों की थाप, “जय किसान, जय स्वाभिमान” के नारों और जनसमूह के उत्साह ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया। इस अवसर पर एक विशेष और भावुक पल तब देखने को मिला, जब केंद्रीय मंत्री एवं राष्ट्रीय लोक दल के अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह पहली बार अपनी पत्नी और बेटी के साथ किसी सार्वजनिक सभा के मंच पर पहुंचे। परिवार की मौजूदगी ने आयोजन को और आत्मीय बना दिया। उपस्थित जनसमूह ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। इस अवसर पर बिजनौर सांसद श्री चंदन चौहान, समिति के कर्ता-धर्ता श्री धर्मेंद्र चौधरी, उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री श्री अनिल कुमार, संसदीय बोर्ड के चेयरमैन एवं पूर्व सांसद श्री के.सी. त्यागी, संगठन महासचिव श्री त्रिलोक त्यागी तथा राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व सांसद श्री मलूक नागर सहित पार्टी के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

अपने संबोधन की शुरुआत चौधरी जयंत सिंह ने नेपाल में हाल ही में हुई त्रासदी पर संवेदना व्यक्त करते हुए की। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी सहानुभूति जताई और कहा कि इस कठिन घड़ी में पूरा देश नेपाल के साथ खड़ा है। इसके बाद उन्होंने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि अखिल भारतीय गुर्जर विद्या प्रचारिणी संस्था में बिल क्लिंटन के बाद अब उनके नाम का शिलापट्ट भी लगाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका निर्माण सांसद खेल निधि से कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए भले ही पूरे वर्ष की निधि खर्च क्यों न करनी पड़े, लेकिन यह कार्य पूरी भव्यता, गुणवत्ता और सम्मान के साथ पूरा किया जाएगा।

राजनीतिक मोर्चे पर विपक्षी दलों को घेरते हुए चौधरी जयंत सिंह ने कहा कि जिस तरह विरोधी लगातार राष्ट्रीय लोक दल का नाम ले रहे हैं, उससे साफ जाहिर होता है कि पार्टी सही दिशा में आगे बढ़ रही है और अच्छा काम कर रही है। PDA पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि इसकी परिभाषा रोज बदल रही है, लेकिन NDA का “N” कभी नहीं बदलेगा। किसानों के हित में किए गए कार्यों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि अब तक गन्ना किसानों को 3.25 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जिससे प्रदेश के गन्ना किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। इसी क्रम में उन्होंने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि किसानों की बात दबे-छिपे नहीं, बल्कि खुलकर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर हिम्मत है तो अखिलेश यादव खुलकर गन्ने का मूल्य बढ़ाने की मांग करें। चौधरी जयंत सिंह ने आरोप लगाया कि एथेनॉल के मुद्दे की आड़ में समाजवादी पार्टी किसान, किसानी और चौधरी अजित सिंह की विरासत का अपमान कर रही है।

   स्वाभिमान रैली में जयंत चौधरी का शक्ति प्रदर्शन; PDA पर तंज, बोले - “NDA का ‘N’ कभी नहीं बदलेगा”

चौधरी जयंत सिंह ने कार्यकर्ताओं और किसानों से आह्वान किया कि किसान लॉबी को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि किसानों की आवाज नीति-निर्माण तक प्रभावी तरीके से पहुंच सके। विपक्ष पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष को किसान की नहीं, बल्कि “रसगुल्लों” की चिंता है। नई पीढ़ी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के रास्ते खुलने चाहिए। इस दौरान एक फौजी से मिली सीख साझा करते हुए उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा, “किसान मसीहा चौधरी चरण सिंह जी हमेशा जिन बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाते थे, उनमें नशा सबसे ऊपर था। वह जानते थे कि नशा सिर्फ शरीर का नहीं, बल्कि पूरे समाज का नाश करता है। आज युवाओं में नशे का बढ़ता प्रचलन चिंताजनक है। हमें अपने युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से दूर रखना है और उन्हें इससे बचाने के लिए हर संभव प्रयास करना है। इसके लिए केंद्र सरकार लगातार नए प्रयासों और नवाचारों के माध्यम से काम कर रही है। हालांकि, यह बुराई जनभागीदारी के बिना खत्म नहीं होगी। इसलिए अगर कोई व्यक्ति नशे की समस्या से जूझता हुआ दिखाई दे, तो उसकी मदद करें। टोल-फ्री नंबर 14446 पर कॉल करें और नशामुक्त समाज के निर्माण में अपना योगदान दें।”

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अपने चिर-परिचित हल्के-फुल्के अंदाज़ में भाषण का समापन करते हुए चौधरी जयंत सिंह ने कहा कि “ABCD के बाद अब G फॉर गन्ना आता है”- जिस पर उपस्थित जनसमूह में ज़बरदस्त उत्साह और तालियों की गूंज सुनाई दी। पूरी रैली के दौरान उत्सव जैसा माहौल बना रहा और रामपुर मनिहारान की यह स्वाभिमान रैली अपने आयोजन, जनभागीदारी और संदेश- तीनों ही स्तर पर एक यादगार आयोजन बनकर उभरी।

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