जौनपुर सत्र न्यायालय ने चाइनीज मांझे पर पुलिस जांच का रास्ता खोला
जौनपुर,07 जनवरी (हि.स.)। यूपी के जौनपुर में बीते दिनों चाइनीज मांझे से हुई शिक्षक की मौत के मामले में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे से हुए जानलेवा हमले के मामले में न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने 5 जनवरी को एक आपराधिक पुनरीक्षण याचिका स्वीकार करते हुए पुलिस जांच का रास्ता खोल दिया है। यह याचिका मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) के उस आदेश के खिलाफ थी, जिसमें गंभीर अपराध की शिकायत को साधारण परिवाद मानकर पुलिस जांच से इनकार कर दिया गया था।
यह मामला 13 जनवरी 2025 का है, जब अधिवक्ता आशीष शुक्ला अपने साथी शिवराज यादव के साथ मोटरसाइकिल पर न्यायालय से घर लौट रहे थे। शास्त्री पुल के पास वे पतंग उड़ा रहे अज्ञात व्यक्तियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे प्रतिबंधित चाइनीज मांझे में फंस गए। इस घटना में शिवराज यादव के चेहरे और गर्दन पर गंभीर चोटें आईं, जबकि आशीष शुक्ला को भी चोटें लगीं। दोनों अधिवक्ताओं को यश हॉस्पिटल में इलाज कराना पड़ा।
पीड़ितों ने थाना लाइनबाजार में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की। पुलिस अधीक्षक को आवेदन देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। लगभग एक वर्ष बाद, उसी स्थान पर घटना की पुनरावृत्ति हुई। अपनी बेटी को स्कूल छोड़कर घर लौट रहे शिक्षक संदीप तिवारी का गला पतंग के प्रतिबंधित धागे में फंसने से दुखद निधन हो गया।
इस पूरे मामले में अधिवक्ता विकास तिवारी याचिकाकर्ता का पक्ष रख रहे हैं। विकास तिवारी ने इस मामले में बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि सत्र न्यायालय ने अब इस मामले में पुलिस जांच की राह खोली है। मामले की अगली सुनवाई 12 फरवरी 2026 को निर्धारित की गई है।
हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव

