स्वास्थ्य विभाग की बदहाल व्यवस्था के खिलाफ जदयू का आमरण अनशन शुरू

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स्वास्थ्य विभाग की बदहाल व्यवस्था के खिलाफ जदयू का आमरण अनशन शुरू


बांदा, 21 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के तत्वावधान में सोमवार को अशोक लाट में स्वास्थ्य विभाग की बदहाल व्यवस्था, कथित भ्रष्टाचार एवं जनसमस्याओं के विरोध में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू किया गया। अनशन का नेतृत्व जदयू की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बुंदेलखंड संगठन प्रभारी शालिनी सिंह पटेल कर रही हैं। अनशन के प्रथम दिन बड़ी संख्या में जदयू कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने पहुंचकर समर्थन जताया।

इस दौरान जिलाध्यक्ष जुगुल पटेल, संतोष अकेला, बिहारी लाल, सद्दाम, रवीन्द्र नाथ, पिंकी प्रजापति, भुदीप गुप्ता, रमेश सिंह, दिनेश सिंह, शत्रुघ्न सिंह, पूरन सिंह, अर्पित सिंह, कमलेश मिश्रा, सुरेश मिश्रा, रामभवन पटेल, रामप्यारी, सियालली, उर्मिला, रन्नो, ज्योति मौर्या, रमेशचंद्र कुरील, श्रीराम प्रजापति सहित कई लोग मौजूद रहे।

अनशनकारियों ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और कथित अनियमितताओं की जांच को लेकर 15 सूत्रीय मांगें प्रशासन के समक्ष रखी हैं। इनमें 300 बेड के मंडलीय अस्पताल को तत्काल चालू कराने, जिला अस्पताल सहित नरैनी, बबेरू, कमासिन, अतर्रा, तिंदवारी, जसपुरा आदि स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं में सुधार, रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज एवं जिला अस्पताल में मरीजों से कथित अवैध वसूली तथा बाहर की दवाइयां और जांच लिखे जाने की शिकायतों की निष्पक्ष जांच, मेडिकल कॉलेज में कथित भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच, मेट्रन कार्यालय के दायित्वों एवं संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की जांच, वरिष्ठ सीएमएस डॉ. रजनी भारती से नियमानुसार कार्य लिए जाने तथा योग्य वरिष्ठ नर्सिंग ऑफिसर को मेट्रन का दायित्व दिए जाने की मांग शामिल है।

इसके अलावा ड्यूटी, बायोमैट्रिक उपस्थिति एवं रोस्टर में कथित अनियमितताओं की जांच, कर्मचारियों पर कथित दबाव एवं धमकियों की जांच, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से अतिरिक्त ड्यूटी एवं स्थायी कर्मचारियों के स्थान पर कार्य कराने पर रोक, समय से वेतन और नौकरी की सुरक्षा, कर्मचारियों से उनकी योग्यता एवं पद के अनुसार कार्य लिए जाने, वर्षों से एक ही स्थान पर तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों की नियमानुसार स्थानांतरण नीति लागू करने, भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों की उच्चस्तरीय जांच तथा मेडिकल कॉलेज एवं स्वास्थ्य विभाग से संबंधित पूर्व जांचों और कार्रवाई के अभिलेखों की समीक्षा की मांग की गई है। शालिनी सिंह पटेल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी जनहित की मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक आमरण अनशन जारी रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह

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