'शक्ति आराधना' से मजबूत होगी यूपी की सांस्कृतिक पहचान: जयवीर सिंह
लखनऊ, 22 मार्च (हि.स.)। चैत्र नवरात्रि के मौके पर समृद्ध भक्ति परंपरा को आगे बढ़ाने और लोगों को आध्यात्मिक माहौल से जोड़ने के लिए उत्तर प्रदेश के 25 प्रमुख शक्तिपीठों और देवी मंदिरों में ‘शक्ति आराधना’ के तहत विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
संस्कृति विभाग द्वारा नवरात्रि की सप्तमी, अष्टमी और नवमी के दौरान तीन दिवसीय आयोजन होगा, जिसमें देवी गायन और भजन की प्रस्तुतियां होंगी, जो पूरे वातावरण को भक्तिमय बनाएंगी। इन कार्यक्रमों में देवी गीतों और भजनों के जरिए मां की आराधना की जाएगी, जिससे श्रद्धा और आस्था को नई ऊर्जा मिलेगी। वहीं लोक परंपराओं को भी सशक्त मंच मिलेगा।
इनमें मीरजापुर का मां विंध्यवासिनी धाम (विंध्याचल), उन्नाव का चंडिका देवी मंदिर, सोनभद्र का ज्वाला देवी मंदिर, औरैया का देवकाली मंदिर, भदोही का सीता समाहित स्थल, गोरखपुर का तर्कुलहा देवी धाम, प्रयागराज का अलोपी देवी और ललिता देवी मंदिर, मऊ का शीतला माता स्थल, कौशांबी का कड़ावासिनी मंदिर, बलरामपुर का पाटेश्वरी देवीपाटन, चित्रकूट का शिवानी देवी मंदिर और सीतापुर का नैमिषारण्य स्थित ललिता देवी मंदिर शामिल हैं।
इसके अलावा हमीरपुर का गायत्री शक्तिपीठ, सहारनपुर का शाकंभरी देवी मंदिर, जालौन के कोंच का बैरागढ़ माता मंदिर, मथुरा का कात्यायनी देवी मंदिर, कानपुर देहात (घाटमपुर) का कुष्मांडा देवी मंदिर, जौनपुर का मां शीतला चौकिया धाम, मैनपुरी का शीतला माता मंदिर, प्रतापगढ़ का बेल्हा देवी मंदिर, फिरोजाबाद का चामुंडा माता मंदिर, वाराणसी का विशालाक्षी देवी मंदिर और लखनऊ के चंद्रिका देवी एवं संकटा देवी मंदिर भी इस सूची में शामिल हैं।
इन कार्यक्रमों में भाग लेने वाले कलाकारों को मानदेय भी दिया जाएगा, जबकि स्थानीय स्तर की सभी व्यवस्थाएं संबंधित जिला प्रशासन द्वारा नोडल अधिकारी नामित कर सुनिश्चित की जाएंगी। इस पहल से जहां कलाकारों को मंच मिलेगा, वहीं श्रद्धालुओं को भी नवरात्रि के दौरान भक्ति और सांस्कृतिक माहौल का विशेष अनुभव होगा।
इस पहल पर अपने विचार रखते हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि, नवरात्रि हमारे सांस्कृतिक जीवन का सबसे ऊर्जावान और आध्यात्मिक पर्व है। शक्ति आराधना जैसे आयोजन केवल पूजा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह हमारी लोक परंपराओं, भक्ति संगीत और सांस्कृतिक विरासत को एक साथ जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश के हर कोने में आस्था का यह उत्सव नई ऊंचाई पर पहुंचे, कलाकारों को मंच मिले और श्रद्धालुओं को भक्ति के साथ हमारी समृद्ध संस्कृति का भी अनुभव हो। ऐसे प्रयासों से उत्तर प्रदेश को सांस्कृतिक रूप से और मजबूत पहचान मिलेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

