(अपडेट) आईटीआई-पॉलिटेक्निक में जल्द भरेंगे अनुदेशकों के रिक्त पद
लखनऊ, 18 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा उपलब्ध कराने और उन्हें रोजगार के लिए बेहतर ढंग से तैयार करने की दिशा में योगी सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित राजकीय आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों में रिक्त अनुदेशक पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने तक शिक्षण व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए सेवानिवृत्त शिक्षकों को अनुदेशक के रूप में लगाए जाने की व्यवस्था की जा रही है।
समाज कल्याण विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि संस्थानों में रिक्त पदों के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रभावित नहीं होना चाहिए। योगी सरकार का जोर तकनीकी संस्थानों में शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के साथ विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक का व्यावहारिक ज्ञान उपलब्ध कराने पर है।
लखनऊ समेत चार जिलों में 40 पद रिक्त
वर्तमान में राजकीय गोविंद बल्लभ पंत पॉलिटेक्निक, मोहन रोड, लखनऊ में अनुदेशक के सात पद रिक्त हैं। इसी तरह राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), बख्शी का तालाब, लखनऊ में 23 पद खाली हैं। राजकीय आईटीआई/पॉलिटेक्निक, गोरखपुर में नौ और प्रतापगढ़ में एक पद रिक्त है। इस प्रकार इन संस्थानों में कुल 40 पदों पर अनुदेशकों की आवश्यकता है। योगी सरकार की ओर से इन पदों पर पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से योग्य अभ्यर्थियों के चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। स्थायी भर्ती होने तक वैकल्पिक व्यवस्था से विद्यार्थियों की पढ़ाई जारी रखने का निर्णय सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
रोजगारपरक शिक्षा पर सरकार का फोकस
योगी सरकार लगातार युवाओं को कौशल आधारित और रोजगारपरक शिक्षा से जोड़ने पर जोर दे रही है। आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों में बेहतर प्रशिक्षण मिलने से विद्यार्थियों को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप तैयार करने में मदद मिलेगी। अनुदेशकों की उपलब्धता से प्रयोगात्मक कक्षाओं, तकनीकी प्रशिक्षण और कौशल विकास गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
राज्य मंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं के कौशल विकास और उन्हें स्वावलंबी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। अनुदेशकों की नियुक्ति से संस्थानों का शैक्षणिक स्तर मजबूत होगा और छात्रों को आधुनिक तकनीकों का बेहतर व्यावहारिक ज्ञान मिल सकेगा। योग्य अभ्यर्थियों के चयन की प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दीपक

