गोरखपुर में विकास परियोजनाओं को लेकर डीएम की सख्ती

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गोरखपुर में विकास परियोजनाओं को लेकर डीएम की सख्ती


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गोरखपुर में विकास परियोजनाओं को लेकर डीएम की सख्ती


गोरखपुर में विकास परियोजनाओं को लेकर डीएम की सख्ती


गोरखपुर में विकास परियोजनाओं को लेकर डीएम की सख्ती


गोरखपुर, 20 जून (हि.स.)। जनपद में चल रही 10 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली प्रमुख निर्माण परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा को लेकर जिलाधिकारी दीपक मीणा ने शनिवार काे विकास भवन सभागार में अहम बैठक की। बैठक में डीएम ने सभी कार्यदायी संस्थाओं और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए।

उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या मानकों से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बैठक में गोरखपुर में तेजी से चल रहे बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट्स की विस्तृत समीक्षा की गई। इनमें 100 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT), ‘नया गोरखपुर’ परियोजना के तहत विकसित हो रही गुरुकुल सिटी की सड़कें, विरासत गलियारा और चार नए कल्याण मंडपम प्रमुख रूप से शामिल रहे।

जिलाधिकारी ने कहा कि गोरखपुर का तेजी से हो रहा शहरी विस्तार बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग करता है, ऐसे में सभी परियोजनाएं जनहित से जुड़ी हैं और इन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।

बैठक में 100 करोड़ की लागत से तैयार हो रहे अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) की प्रगति पर विशेष चर्चा हुई। यह टर्मिनल लगभग 14,416 वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है, जिसमें आधुनिक यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

डीएम ने निर्देश दिया कि इस परियोजना को समय से पूरा कर शहर की परिवहन व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाए।

इसके अलावा ‘नया गोरखपुर’ परियोजना के तहत गुरुकुल सिटी में विकसित हो रही सड़कों की भी समीक्षा की गई। लगभग 19.55 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इन सड़कों को शहर के भविष्य के विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया गया। डीएम ने कहा कि यह परियोजना शहर के सुनियोजित विकास की आधारशिला साबित होगी।

असुरन से पादरी बाजार होते हुए पिपराइच तक बन रहे 19.4 किलोमीटर लंबे फोरलेन मार्ग के निर्माण कार्य की प्रगति पर भी चर्चा हुई। यह मार्ग शहर के यातायात दबाव को कम करने में अहम भूमिका निभाएगा। डीएम ने इस परियोजना में तेजी लाने और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।

पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को संवारने के लिए नखास चौक क्षेत्र में बन रहे विरासत गलियारा (हेरिटेज कॉरिडोर) को भी प्राथमिकता में रखा गया।

डीएम ने कहा कि यह परियोजना शहर की ऐतिहासिक पहचान को नई ऊंचाई देगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

इसके साथ ही गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) द्वारा बनाए जा रहे चार नए कल्याण मंडपम, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, कला ग्राम और मॉडल वेंडिंग जोन जैसी परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। डीएम ने कहा कि ये सभी परियोजनाएं नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।

औद्योगिक विकास के तहत गीडा और धुरियापार क्षेत्र में चल रहे एथेनॉल/सीएनजी प्लांट, सीमेंट फैक्ट्री, पावर प्लांट और डिस्टलरी जैसी परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई।

जिलाधिकारी ने कहा कि इन प्रोजेक्ट्स से क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

बैठक में एडीएम प्रशासन डॉ. वैभव शर्मा, एसडीएम सदर दीपक गुप्ता, डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार सदर ज्ञान प्रताप सिंह, पीडब्ल्यूडी के नोडल अधिकारी ए.के. सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

जिलाधिकारी ने दोहराया कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और यह सुनिश्चित करें कि गोरखपुर में चल रही सभी प्रमुख परियोजनाएं तय समय में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरी हों, ताकि शहर का समग्र और सुनियोजित विकास सुनिश्चित किया जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

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