स्पेशल टास्क फोर्स ने प्रयागराज में बीज-उर्वरक व रसायन प्रतिष्ठानों का किया निरीक्षण
--ओवररेटिंग व टैगिंग पर सख्त चेतावनी, किसानों को बिल देना अनिवार्य
--हंडिया बीज भंडार से ढैंचा बीज वितरण, सोलर पम्प व फार्म मशीनरी बैंक का सत्यापन
प्रयागराज, 03 मई (हि.स)। कृषि निदेशक, उ०प्र० लखनऊ द्वारा जनपद में संचालित कृषि योजनाओं की समीक्षा हेतु गठित स्पेशल टास्क फोर्स टीम ने प्रयागराज में रविवार को बीज, उर्वरक व कृषि रक्षा रसायनों की उपलब्धता, आवंटन एवं गुणवत्ता की समीक्षा करते हुए विभिन्न प्रतिष्ठानों का आकस्मिक निरीक्षण किया।
उक्त जानकारी जिला कृषि अधिकारी के०के० सिंह ने देते हुए बताया कि यह निरीक्षण अशोक कुमार उपाध्याय अपर कृषि निदेशक-संयुक्त कृषि निदेशक विन्ध्यांचल मण्डल की अध्यक्षता में हुआ। निरीक्षण के दौरान उर्वरक प्रतिष्ठान अग्रवाल ट्रेडर्स (चाका) पर भंडारण व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। अधिकारियों ने निर्देशित किया कि टैगिंग, ओवररेटिंग अथवा किसी प्रकार की अनियमितता मिलने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही वितरण रजिस्टर में प्रत्येक कृषक की फार्मर आईडी अंकित करना अनिवार्य बताया।
अलोपीबाग स्थित फेमस सीड कम्पनी के निरीक्षण में बीजों का रख-रखाव ठीक पाया गया तथा किसानों को बिल-कैशमेमो जारी किए जाने की पुष्टि हुई। टीम ने निर्देश दिए कि किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तायुक्त बीज समय से उपलब्ध कराएं अन्यथा बीज अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई होगी।
हंडिया स्थित राजकीय कृषि बीज भंडार में निरीक्षण के दौरान पंजीकृत किसानों को ढैंचा बीज का वितरण किया गया। किसानों को अधिक से अधिक ढैंचा बीज उपयोग करने तथा रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग कम करने हेतु प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि वास्तविक पंजीकृत किसानों को ही बीज उपलब्ध कराया जाए ताकि खरीफ में धान की बुवाई समय से हो सके।
टीम ने बहादुरपुर में अनुदानित 05 एचपी सोलर पम्प का स्थलीय निरीक्षण किया, जो सुचारू रूप से कार्यरत पाया गया। साथ ही ग्राम सुदनीकला में फार्म मशीनरी बैंक के तहत उपलब्ध कराए गए ट्रैक्टर, मल्चर, रोटोवेटर, सुपरसीडर सहित अन्य यंत्रों का सत्यापन किया गया और अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
अलोपीबाग स्थित रामलखन एण्ड सन्स प्रतिष्ठान के निरीक्षण में ‘ग्रो सेफ फूड’ अभियान का पोस्टर, कैशमेमो निर्गत व्यवस्था तथा आईपीएमएस पोर्टल पर पंजीकरण पाया गया। टीम ने निर्देशित किया कि लाइसेंस के अनुसार ही कृषि रक्षा रसायनों का विक्रय किया जाए तथा स्टॉक मैनेजमेंट अनिवार्य रूप से अपडेट रखा जाए, अन्यथा कीटनाशी अधिनियम 1968 के अंतर्गत कार्रवाई होगी।
संयुक्त कृषि निदेशक कार्यालय प्रयागराज मण्डल में समीक्षा बैठक कर बीज उपलब्धता, गोदामों तक समय से आपूर्ति, मक्का-दलहनी-तिलहनी उत्पादन वृद्धि तथा कृषि यंत्रीकरण योजना के अंतर्गत दिए गए यंत्रों के सत्यापन पर विशेष जोर दिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि उर्वरकों की मांग समय से भेजकर किसानों को समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
टीम में संयुक्त कृषि निदेशक प्रयागराज मण्डल एस०के० राय, शिप्रा उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी के०के० सिंह, विकास मिश्र अपर जिला कृषि अधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र

