आईआईटी बॉम्बे के सहयोग से शुरू की गई पहल तकनीकी शिक्षा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी : डॉ. आशीष भटनागर

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आईआईटी बॉम्बे के सहयोग से शुरू की गई पहल तकनीकी शिक्षा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी : डॉ. आशीष भटनागर


लखनऊ, 04 जून (हि.स.)। आईआईटी बॉम्बे जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के सहयोग से शुरू की गई पहल तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक सिद्ध होगी। यह साझेदारी नवाचार आधारित शिक्षण, व्यावहारिक प्रशिक्षण और डिजिटल दक्षता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

यह बातें गुरुवार को स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज (एसएमएस) लखनऊ के निदेशक डॉ. आशीष भटनागर ने कहीं। तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास के क्षेत्र में एसएमएस लखनऊ ने स्पोकन ट्यूटोरियल, एडूपिरामिड्स एवं साइन (एसआईएनई), आईआईटी बॉम्बे के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस सहयोग का उद्देश्य छात्रों एवं शिक्षकों के तकनीकी कौशल का विकास करना तथा उन्हें उद्योगोन्मुखी एवं रोजगारपरक शिक्षा से जोड़ना है।

समझौता ज्ञापन पर एसएमएस लखनऊ की ओर से निदेशक डॉ. आशीष भटनागर तथा स्पोकन ट्यूटोरियल, एडूपिरामिड्स एवं साइन, आईआईटी बॉम्बे की प्रशिक्षण प्रबंधक रेनू सिंह ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर एसएमएस परिसर में स्थापित स्पोकन ट्यूटोरियल स्किल एक्सेलरेटर लैब का उद्घाटन भी किया गया।

रेनू सिंह ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी युग में तकनीकी दक्षता और रोजगारपरक कौशल सफलता की कुंजी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को ओपन-सोर्स प्रौद्योगिकियों के माध्यम से स्वयं को सशक्त बनाने और उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार होने का आह्वान किया। समझौते के तहत स्पोकन ट्यूटोरियल द्वारा 125 से अधिक ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर पाठ्यक्रमों और शिक्षण मॉड्यूल्स तक पहुंच उपलब्ध कराई जाएगी। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से छात्र, शिक्षक एवं कर्मचारी संरचित प्रशिक्षण एवं प्रमाणन कार्यक्रमों में भाग लेकर व्यावहारिक तकनीकी कौशल अर्जित कर सकेंगे। सफल प्रतिभागियों को आईआईटी बॉम्बे द्वारा प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए जाएंगे, जिससे उनकी रोजगार क्षमता और अधिक सुदृढ़ होगी।

एसएमएस लखनऊ के सीईओ एवं सचिव शरद सिंह ने इस उपलब्धि के लिए संस्थान परिवार को बधाई देते हुए कहा कि संस्थान उद्योग एवं समाज की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप कुशल, नवाचारी एवं सक्षम मानव संसाधन तैयार करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह सहयोग विद्यार्थियों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा।

निदेशक जनरल (तकनीकी) डॉ. भरत राज सिंह ने कहा कि स्पोकन ट्यूटोरियल कार्यक्रम विशेष रूप से ग्रामीण एवं अर्धशहरी पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित होगा। इससे विद्यार्थियों के संप्रेषण कौशल, तकनीकी दक्षता और आत्मविश्वास का विकास होगा तथा वे भविष्य की व्यावसायिक और तकनीकी चुनौतियों का बेहतर ढंग से सामना कर सकेंगे। कार्यक्रम में एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. धर्मेन्द्र सिंह, डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. पी.के. सिंह, विभिन्न विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ हुआ।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

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