भारत को भविष्य की तकनीकें खुद विकसित करनी होंगी : प्रो. मणींद्र अग्रवाल

WhatsApp Channel Join Now
भारत को भविष्य की तकनीकें खुद विकसित करनी होंगी : प्रो. मणींद्र अग्रवाल


कानपुर, 14 अक्टूबर (हि.स.)। भारत अपने भविष्य को परिभाषित करने वाली प्रौद्योगिकियों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रह सकता। हमें इन तकनीकों का विकास स्वयं करना होगा। भविष्य की डीप टेक कंपनियां प्रयोगशालाओं में भी जन्म लेंगी और इसके लिए उद्यमियों को तैयार करना जरूरी है। यह बातें बुधवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने ‘ग्रेटर दैन अस’ अभियान के शुभारंभ के अवसर पर कही।

आईआईटी कानपुर ने संस्थान में अनुसंधान, आधुनिक तकनीक और युवा प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए बुधवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में ‘ग्रेटर दैन अस’ अभियान शुरू किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अभियान का शुभारंभ किया। मार्च 2029 तक एक अरब अमेरिकी डॉलर जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें से अब तक 4155 करोड़ रुपये देने की प्रतिबद्धता मिल चुकी है।

अभियान के तहत संस्थान में शोध सुविधाओं का विस्तार करने, विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता देने और नई तकनीकों पर आधारित उद्यमों को प्रोत्साहित करने की योजना है। इस मौके पर पूर्व छात्र राहुल गौतम ने नोएडा परिसर में गौतम स्कूल ऑफ इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप की स्थापना के लिए 180 करोड़ रुपये देने की प्रतिबद्धता जताई। यहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा, डिजिटल स्वास्थ्य, जैव प्रौद्योगिकी, ड्रोन और उन्नत विनिर्माण के क्षेत्र में उद्यमी तैयार किए जाएंगे। जुलाई 2027 से प्रौद्योगिकी एवं उद्यमिता में एमबीए कार्यक्रम शुरू करने की योजना है।

अभियान को फाउंडेशन, टैलेंट और फ्रंटियर तीन स्तंभों में बांटा गया है। फाउंडेशन के लिए पांच हजार करोड़ रुपये का लक्ष्य है। इसके तहत केंद्रीय अनुसंधान सुविधा, सेमीकंडक्टर केंद्र, उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग सुविधा, चार छात्रावास और 96 संकाय आवास विकसित किए जाएंगे।

टैलेंट स्तंभ के लिए तीन हजार करोड़ रुपये निर्धारित हैं। इससे छात्रवृत्ति, डॉक्टरेट फेलोशिप, संकाय भर्ती और छात्र उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, फ्रंटियर स्तंभ के तहत क्वांटम तकनीक, सेमीकंडक्टर पैकेजिंग, चिकित्सा उपकरण और नई दवाओं की खोज पर काम होगा। इस स्तंभ के लिए एक हजार करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 1556 करोड़ रुपये की प्रतिबद्धता मिल चुकी है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

Livevns.news Desk
Livevns.news Desk

761002 Articles

Share this story