इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026: हेल्थ एआई के लिए बीओडीएच प्लेटफॉर्म का शुभारम्भ

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इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026: हेल्थ एआई के लिए बीओडीएच प्लेटफॉर्म का शुभारम्भ


कानपुर, 19 फरवरी (हि.स.)। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने हेल्थ एआई के लिए बेंचमार्किंग ओपन डेटा प्लेटफॉर्म का औपचारिक शुभारम्भ किया। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर और नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (एनएचए) के संयुक्त सहयोग से एक रणनीतिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) के अंतर्गत विकसित की गई है, जिसका उद्देश्य स्वास्थ्य अनुसंधान के लिए सुरक्षित सहमति ढांचा (कंसेंट फ्रेमवर्क) और फेडरेटेड लर्निंग वातावरण तैयार करना है।

आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने गुरुवार को इस मंच को ‘गोपनीयता-प्रथम नवाचार’ की आधारशिला बताते हुए कहा कि बीओडीएच एक सुरक्षित और फेडरेटेड पारिस्थितिकी तंत्र है। इसमें डेवलपर्स मरीजों के व्यक्तिगत स्वास्थ्य डेटा तक प्रत्यक्ष पहुंच प्राप्त किए बिना ही उसी स्थान एआई मॉडल का प्रशिक्षण कर सकते हैं। प्रशिक्षण के दौरान केवल परिष्कृत मॉडल मान (मॉडल वेट्स) ही साझा किए जाते हैं, जिससे डेटा की पूर्ण गोपनीयता सुनिश्चित रहती है। उन्होंने बताया कि यह संरचना केंद्रीय निजी परीक्षण सेट्स और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन ढांचे के रणनीतिक उपयोग के माध्यम से कवरेज, पारदर्शिता और विश्वसनीयता—इन तीनों को एक साथ सुनिश्चित करते हुए एआई क्वालिटी टेस्टिंग ट्राइलेम्मा’ की चुनौती का प्रभावी समाधान प्रस्तुत करती है।

प्रो. निशीथ श्रीवास्तव, सीडीआईएस, आईआईटी कानपुर ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि बीओडीएच प्लेटफ़ॉर्म स्वास्थ्य एआई मॉडलों के लिए तृतीय-पक्ष एल्गोरिदमिक ऑडिटिंग के मानक उपकरण के रूप में रैंडमाइज़्ड कंट्रोल्ड ट्रायल्स की जगह ले सकता है—न केवल भारत में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी। उन्होंने कहा कि यह यात्रा अभी शुरुआत में है और आगे इसकी व्यापक संभावनाएं हैं।

प्रो. निशीथ श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में विकसित यह प्लेटफॉर्म नियामकों को कम लागत में, तृतीय-पक्ष परीक्षण को सांख्यिकीय विश्वसनीयता के साथ संचालित करने में सक्षम बनाता है। साथ ही, यह मॉडल प्रदाताओं को अपने एल्गोरिद्म को वास्तविक दुनिया के डेटा सेट्स के साथ बेंचमार्क करने और विश्वसनीय सत्यापन प्राप्त करने का अवसर देता है।

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का उपयोग करते हुए, बीओडीएच देशभर के विविध और व्यापक डेटा तक पहुंच उपलब्ध कराता है, जिससे अगली पीढ़ी की मेडिकल एआई प्रणालियां भारतीय जनसंख्या की विशिष्ट स्वास्थ्य आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित की जा सकें।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

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