युवा सोच व डिजिटल नवाचार से बनेगा आत्मनिर्भर और विकसित भारत : कुलपति
--हैकाथॉन युवाओं को प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका : मंडलायुक्त
--इलाहाबाद विश्वविद्यालय में CODEBLOCK का शानदार शुभारम्भ
प्रयागराज, 24 अप्रैल (हि.स)। इलाहाबाद विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने प्रतिभागियों को आज के तकनीकी विकास को जिम्मेदारी और दूरदृष्टि के साथ अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत स्टार्ट-अप्स का देश है। देश के युवा, जनरेशन, कुछ नया करने से डरते नहीं हैं, इसलिए उनमें क्षमता है कि वे देश को न सिर्फ अपनी बल्कि दुनिया की जरूरतों को पूरा करने लायक बना सकें।
शुक्रवार को दो दिवसीय कोडिंग हैकाथॉन “CODEBLOCK 2026-Code the Future, Build the Impossible”, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) एवं ब्लॉकचेन पर केंद्रित है, का शुभारम्भ इलाहाबाद विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार विभाग में NADCAB LABS (STPI प्रयागराज) के सहयोग से किया गया।
बतौर मुख्य अतिथि कुलपति प्रो संगीता श्रीवास्तव ने कहा कि, हमारी प्रवासी आबादी पूरी दुनिया में फैली हुई है और विशेषज्ञों का एक शक्तिशाली समूह है। हमें उनसे जुड़ना चाहिए और राष्ट्र निर्माण को सशक्त बनाने के लिए उनके ज्ञान का उपयोग करना चाहिए। यह देश में तकनीकी परिवर्तन और नवाचार को जमीनी स्तर तक अपनाने का प्रतीक है।
उन्होंने यह भी कहा कि यद्यपि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) अपार संभावनाओं से भरपूर है, परंतु इसका प्रभावी एवं सावधानीपूर्ण उपयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों और नवाचारकर्ताओं से आग्रह किया कि वे एआई का जिम्मेदारी एवं नैतिकता के साथ उपयोग करें, ताकि तकनीक मानव कल्याण और प्रगति का साधन बनी रहे।
कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि, मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने कहा कि इस प्रकार के हैकाथॉन युवा मस्तिष्कों को नवाचार, कोडिंग और चुनौतियों पर विजय प्राप्त करने के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि स्वयं एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर होने के नाते वह समझती हैं कि युवा प्रतिभाओं को सामने लाने के लिए ऐसे आयोजनों का कितना महत्व है। उन्होंने कहा कि कोडिंग सिर्फ एक विज्ञान नहीं बल्कि एक कला भी है। क्योंकि इसकी कल्पना की जाती है और इसे अंतिम उपयोगकर्ता को ध्यान में रखकर बनाया जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों को समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान पर कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने यह भी कहा कि विद्यार्थियों को केवल रोजगार पाने के बजाय स्टार्टअप्स और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए, ताकि वे रोजगार पाने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले बनें।
कार्यक्रम के विशेष अतिथि एवं NADCAB LABS के सीईओ नमन सिंह ने कहा कि प्रेरणा और नवाचार ही ऐसे आयोजनों की मूल शक्ति हैं। इस हैकाथॉन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रेरित करना, समस्या समाधान की सोच विकसित करना तथा उन्हें अपने विचारों को प्रभावशाली समाधान में बदलने के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करना है।
इसके पूर्व इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. एन.के शुक्ला ने कार्यक्रम के सभी विशिष्ट अतिथियों का औपचारिक रूप से स्वागत किया तथा उपस्थित श्रोताओं को सम्बोधित करते हुए इस हैकाथॉन कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्यों के बारे में जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. निलेश आनंद श्रीवास्तव ने एवं संयोजन डॉ. प्रभात चंद्र श्रीवास्तव ने किया। अंत में इविवि के कुलसचिव प्रो. आशीष खरे ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के अधिष्ठाता, विभिन्न विभागों के अध्यक्ष, शिक्षकगण, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
इविवि की पीआरओ प्रो जया कपूर ने बताया कि हैकाथॉन की शुरुआत एक ऑनलाइन क्विज़ राउंड से हुई, जिसमें साइबर सुरक्षा, एआई, ब्लॉकचेन एवं उभरती तकनीकों पर प्रतिभागियों के ज्ञान का मूल्यांकन किया गया। अंत में शीर्ष 13 टीमों का चयन पुरस्कार एवं सम्मान हेतु किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र

