वृंदावन में विदेशी भक्तों ने यमुना पूजन कर लिया ‘कार्तिक नियम सेवा’ का संकल्प

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वृंदावन में विदेशी भक्तों ने यमुना पूजन कर लिया ‘कार्तिक नियम सेवा’ का संकल्प


भक्ति का मार्ग हृदयों को जोड़ता है और शांति देता है: मधुसूदन गोस्वामी महाराज

मथुरा, 26 अक्टूबर(हि.स.)। भगवान राधा-दामोदर की प्रीति प्राप्त करने का अति पावन मास कार्तिक महोत्सव धर्मनगरी वृंदावन में सोमवार पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ शुरू हो गया है। शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर सेवाकुंज गली स्थित कृष्ण-बलराम मंदिर में देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं ने कार्तिक नियम सेवा का व्रत लेकर यमुना तट पर अपने आराध्य की प्रीति प्राप्ति का संकल्प लिया।

सोमवार प्रातःकाल भारत के विभिन्न प्रांतों के साथ-साथ रूस, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, यूक्रेन, तुर्किए, जर्मनी, स्पेन और अमेरिका जैसे देशों से आए विदेशी भक्तों ने श्री राधा-कृष्ण की भक्ति के मार्ग पर एक साथ आगे बढ़ने का संकल्प दोहराया। यमुना तट स्थित ऐतिहासिक केशीघाट पर सभी श्रद्धालुओं ने यमुना स्नान किया। इसके पश्चात, भक्तिवेदांत मधुसूदन गोस्वामी महाराज के सानिध्य में मास पर्यंत (पूरा महीना) स्नान, दान, श्रीधाम परिक्रमा, हरिनाम संकीर्तन, संत सेवा और भगवान की लीला-माधुरी के श्रवण का सामूहिक संकल्प लिया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए भक्तिवेदांत मधुसूदन गोस्वामी महाराज ने कहा कि सनातन धर्म और भक्ति के पथ में अटूट शक्ति है, जो न सिर्फ हृदयों को आपस में जोड़ती है, बल्कि उनमें शांति और सद्भाव का संचार भी करती है। उन्होंने कहा कि दुनियाभर से आए ये नागरिक इसी आनंद के सनातन प्रवाह में मास पर्यंत अवगाहन कर सच्चिदानंद स्वरूप भगवान राधा-दामोदर की भक्ति से आप्लावित होकर आत्मिक आनंद की अनुभूति करते हैं, जो उनके जीवन के भय, अशांति और दुखों के निवारण का मार्ग प्रशस्त करता है। इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान मुख्य रूप से भक्तिवेदांत दामोदर महाराज, भक्तिवेदांत साधु महाराज, अच्युतानंद प्रभु, इंदुभूषण प्रभु, प्रेम प्रदीप दास, और ऋषभ दास सहित तमाम गणमान्य संत एवं भक्तगण उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / महेश कुमार

Livevns.news Desk
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