दंगा किया तो बाप-दादाओं की कमाई से भी धोना पड़ेगा हाथ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
 

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  • बरेली क्लब ग्राउंड में भाजपा प्रत्याशी डॉ. हरि सिंह ढिल्लो के समर्थन में शिक्षक सम्मेलन को मुख्यमंत्री योगी ने किया संबोधित
  • मुख्यमंत्री योगी ने कहा- बरेली में दंगा करने वाले अब जेल में मना रहे उर्स, उपद्रव नहीं उत्सव से है यूपी की पहचान
  • बोले मुख्यमंत्री योगी- शिक्षक सरकारी कर्मचारी नहीं, राष्ट्र और युग निर्माता हैं, उनके सम्मान और स्वास्थ्य की जिम्मेदारी सरकार की
  • मुख्यमंत्री योगी ने कहा- सपा सरकार में चयन बोर्ड में बैठाए जाते थे परिवार और रिश्तेदार, भर्ती प्रक्रिया को किया गया प्रदूषित
  • बोले मुख्यमंत्री योगी- अब 14 दिन में मुख्य परीक्षा और अगले 14 दिन में परिणाम, पहले छह महीने करना पड़ता था इंतजार
  • मुख्यमंत्री योगी ने कहा- यूपी में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी, अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय तीन गुना बढ़ी

बरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दंगाइयों को चेताया कि अब उत्तर प्रदेश में दंगा किया तो बाप-दादाओं की कमाई से भी हाथ धोना पड़ेगा। वर्ष 2017 से पहले बरेली में पर्व-त्योहार आते ही दंगे होते थे। अब दंगा करने वाले जेल में उर्स मना रहे हैं। उनका इशारा मौलाना तौकीर रजा की ओर था। उन्होंने कहा कि यूपी की पहचान अब उपद्रव से नहीं, उत्सव से है। कानून-व्यवस्था में बदलाव से प्रदेश के प्रति धारणा बदली है।

मुख्यमंत्री योगी बरेली क्लब ग्राउंड में शिक्षक-एमएलसी चुनाव, बरेली/मुरादाबाद क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी डॉ. हरि सिंह ढिल्लो के समर्थन में मंगलवार को शिक्षक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षक कर्मचारी नहीं, राष्ट्र और युग निर्माता हैं। उनके सम्मान और स्वास्थ्य की चिंता सरकार की जिम्मेदारी है। वर्ष 2017 से पहले शिक्षा व्यवस्था चौपट थी, लेकिन शिक्षकों ने शिक्षा की ज्योति बुझने नहीं दी।

शिक्षकों को कैशलेस इलाज, बीमा कवर भी
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा और स्ववित्तपोषित संस्थानों के शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी गई है। शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइये भी इससे जुड़े हैं। माध्यमिक शिक्षकों को 80 लाख से डेढ़ करोड़ रुपये तक बीमा कवर मिला है। रसोइयों को पांच लाख रुपये का कैशलेस स्वास्थ्य कवर और दो लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा दी गई है। राज्य शिक्षक पुरस्कार की राशि और संख्या भी बढ़ाई गई है।

सपा राज में रिश्तेदारों के भरोसे था चयन बोर्ड
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा में 1.60 लाख से अधिक पद रिक्त थे। सरकार ने साढ़े छह वर्षों में इतने ही शिक्षकों की पारदर्शी भर्ती की। सपा सरकार में चयन बोर्ड में परिवार और रिश्तेदारों को बैठाकर नियुक्तियां प्रभावित की जाती थीं। अब योग्य युवाओं को बिना भेदभाव नौकरी मिल रही है।
 
उन्होंने कहा कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं पांच से 24 फरवरी के बीच होंगी। मुख्य परीक्षा 14 दिन में पूरी होगी और अगले 14 दिन में परिणाम आएगा। पहले छह महीने लगते थे।
 
ग्रामीण विद्यार्थियों को भी आधुनिक शिक्षा के अवसर
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में बदलाव केवल भवनों के निर्माण तक सीमित नहीं है। ऑपरेशन कायाकल्प और प्रोजेक्ट अलंकार से विद्यालयों में आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी और अटल टिंकरिंग लैब से ग्रामीण विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के अवसर मिल रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि गांव के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और वे आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ सकें।
 
माफिया पर कार्रवाई से सपा को पीड़ा
मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि सपा सरकार में मुख्यमंत्री आवास पर गरीबों और शिक्षकों के बजाय गैंगस्टर, दंगाई और फिरौती वसूलने वाले बुलाए जाते थे। अब माफिया पर कार्रवाई से सपा नेताओं को पीड़ा होती है। उन्होंने बरेली की नाथ नगरी के रूप में पहचान और संभल के 68 तीर्थ व 19 कूप के पुनर्जीवन का उल्लेख किया।
 
हर जिले में विश्वविद्यालय देने की तैयारी
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि साढ़े नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय तीन गुना बढ़ी है। शाहजहांपुर में स्वामी सुखदेवानंद और मुरादाबाद में गुरु जंभेश्वर के नाम पर विश्वविद्यालय स्थापित हुए हैं। भदोही और कुशीनगर में भी विश्वविद्यालय दिए गए हैं। सरकार एक जिला-एक विश्वविद्यालय की दिशा में काम कर रही है।

Ishwar Upadhyay
Ishwar Upadhyay

71 Articles

Ishwar Chandra Upadhyay Senior Journalist | Digital Media Strategist | Co-Founder, Live VNS From traditional journalism to the evolving world of digital media, Ishwar Chandra Upadhyay's journey of nearly two decades has been dedicated to journalism, innovation, and public interest. Having started his media career in 2005, Upadhyay has established a strong professional reputation through his association with leading media organizations, including Zee News, Amar Ujala, Hindustan, Eenadu India, and ETV Bharat. As the Co-Founder of Live VNS, one of Varanasi's leading digital news platforms, he has played a significant role in bringing local journalism into the digital mainstream and strengthening the voice of grassroots communities. Holding a postgraduate degree in Journalism and Mass Communication, Upadhyay specializes in editorial leadership, digital media, social media management, and content strategy.

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